बडगाम एनकाउंटर: शीर्ष लश्कर कमांडर मूसा ढेर

सुरक्षाबलों को मिली एक और बड़ी कामयाबी, खुफिया इनपुट के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में मारा गया कुख्यात आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ मूसा।

  • जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने एक खुफिया-आधारित अभियान के दौरान कुख्यात लश्कर-ए-तैएबा (LeT) कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ मूसा को ढेर कर दिया।
  • गृह मंत्रालय (MHA) के अनुसार, मूसा के मारे जाने से घाटी में लश्कर के आतंकी नेटवर्क को एक बहुत बड़ा झटका लगा है।
  • इस सफल कार्रवाई के साथ ही वर्ष 2022 से सक्रिय रहे सभी चारों शीर्ष लश्कर कमांडर अब पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं।

समग्र समाचार सेवा
श्रीनगर / नई दिल्ली, 1 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियानों के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है। बडगाम जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैएबा (LeT) के शीर्ष कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ मूसा (Mohammad Asif alias Musa) को ढेर कर दिया गया है। यह कार्रवाई पूरी तरह से खुफिया जानकारियों (Intelligence-led Operation) पर आधारित थी, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा आपसी तालमेल के साथ अंजाम दिया गया।

घाटी में लश्कर के आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को करारा झटका

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार, इस आतंकवादी कमांडर का मारा जाना केंद्र शासित प्रदेश में लश्कर-ए-तैएबा के पूरे नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा आघात है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मूसा लंबे समय से कई बड़ी आतंकी वारदातों और साजिशों में शामिल रहा था। इस सफलता के साथ ही वर्ष 2022 से क्षेत्र में सक्रिय रहे उन सभी चार प्रमुख शीर्ष लश्कर कमांडरों का सफाया हो चुका है, जो सुरक्षा बलों की सबसे वांछित सूची में शामिल थे। इससे पहले जून, जुलाई और सितंबर के पिछले महीनों में अन्य तीन कमांडरों को भी अलग-अलग अभियानों में मार गिराया गया था।

सुरक्षाबलों का संयुक्त और समन्वित अभियान

खुफिया सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के बाद सुरक्षाबलों ने बडगाम के संदिग्ध इलाके को चारों तरफ से घेर लिया था। खुद को घिरता देख आतंकवादी ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे ढेर कर दिया। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। पिछले कुछ वर्षों से सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के बीच जिस तरह का बेहतर तालमेल देखने को मिला है, उसी का परिणाम है कि एक के बाद एक खूंखार आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चाक-चौबंद कर दी गई है तथा सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

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