ममता बनर्जी समेत तीन पूर्व सीएम हिरासत में, जंतर-मंतर पर बवाल
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी समेत तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, प्रदर्शनकारियों ने तोड़े बैरिकेड्स।
- जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच भारी झड़प के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व सीएम मानिक सरकार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
- जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हजारों CJP समर्थकों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया, जिसके बाद राजधानी में तनाव और बढ़ गया।
- चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे इस प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के बयानों ने राजनीतिक पारे को और गर्मा दिया है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 10 अक्तूबर: देश की राजधानी नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनਰ तले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन ने आज अत्यंत उग्र रूप ले लिया। दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी संघर्ष देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री मानिक सरकार सहित कई बड़े राजनीतिक दिग्गजों और नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
जंतर-मंतर की ओर मार्च और बैरिकेड्स तोड़ना
शनिवार को सुबह से ही मध्य दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में CJP समर्थकों और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने पर आड़े थे, जबकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को किले में तब्दील कर रखा था। जब हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के रोके जाने के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश की, तो उन्होंने कई जगहों पर सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह बड़ी हिरासत की कार्रवाई की गई।
एयरपोर्ट से लेकर सड़कों तक धरपकड़
इससे पहले, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान के भीतर से ही हिरासत में ले लिया गया था। इसके साथ ही, देश के अलग-अलग कोनों से जंतर-मंतर आ रहे हजारों कार्यकर्ताओं को दिल्ली की सीमाओं और रेलवे स्टेशनों पर ही रोक लिया गया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए चुनाव आयोग मुख्यालय और जंतर-मंतर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए हैं, और अशोक रोड समेत कई मुख्य रास्तों पर बसों को खड़ा कर रास्ता बंद कर दिया गया है।
मुख्य मांगें और राजनीतिक घमासान
कॉकरोच जनता पार्टी इस आंदोलन के जरिए मुख्य रूप से चार प्रमुख मांगें उठा रही हैं:
आगामी सभी चुनावों पर रोक लगाई जाए और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को बहाल किया जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करके नया कानून बनाया जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल बंद किया जाए और इसकी निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम पर देश भर के राजनीतिक गलियारों में उबाल आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि चुनाव आयोग को अपने फैसले बदलने होंगे और सरकार को झुकना पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने CJP के इस प्रदर्शन और विपक्ष के रुख की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार देश विरोधी और अराजक ताकतों के मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी।
जनजीवन और प्रशासनिक पाबंदियां
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के चलते राजधानी का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शहर के 45 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि राजधानी में किसी भी प्रकार की अप्रिय हिंसा या व्यवस्था भंग होने की घटना को रोका जा सके।
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