‘मैंगो मैन’ कलीमुल्लाह खान ने आम की नई किस्म का नाम रखा ‘राजनाथ आम’, रक्षा मंत्री को दी अनोखी श्रद्धांजलि

समग्र समाचार सेवा,

लखनऊ, 6 जून: ‘मैंगो मैन’ के नाम से प्रसिद्ध और पद्मश्री से सम्मानित मलीहाबाद के मशहूर बागवान कलीमुल्लाह खान ने आम की एक नई किस्म विकसित कर उसे देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर समर्पित किया है। इस नई किस्म को ‘राजनाथ आम’ नाम दिया गया है। यह आम, खान के बाग में ग्राफ्टिंग तकनीक से विकसित किया गया है।

राजनाथ सिंह के योगदान को बताया प्रेरणा

कलीमुल्लाह खान ने कहा कि वे आम की किस्मों का नाम उन शख्सियतों के नाम पर रखते हैं जिन्होंने देश के लिए सच्चे मन से सेवा की है। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि ऐसे महान लोगों का नाम पीढ़ियों तक जीवित रहे। अगर किसी को एक आम राजनाथ सिंह के अच्छे कार्यों की याद दिला सके, तो यह मेरे प्रयास की सार्थकता है।”

खान ने आगे कहा कि वे राजनाथ सिंह को एक “संतुलित और विचारशील नेता” मानते हैं, जो शांति और समाधान में विश्वास रखते हैं। हाल ही में पाकिस्तान को लेकर आए उनके बयानों से यह स्पष्ट होता है कि वे युद्ध नहीं, बल्कि संवाद को प्राथमिकता देते हैं।

पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र

खान ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले की चर्चा करते हुए कहा, “पाकिस्तान ने आक्रामकता दिखाई थी, लेकिन आज माहौल पहले से बेहतर है। युद्ध नहीं, अमन ही असली समाधान है।” उन्होंने कहा कि युद्ध सिर्फ नुकसान और नफरत लाता है, जबकि संवाद और सहयोग स्थायी शांति का रास्ता खोलते हैं।

ग्राफ्टिंग तकनीक से विकसित हुआ ‘राजनाथ आम’

खान के अनुसार, आम की यह नई किस्म ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार की गई है। यह एक बागवानी विधि है जिसमें दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया से नए स्वाद, रंग, और गुणों वाले आम की किस्में बनाई जा सकती हैं।

पहले भी रख चुके हैं प्रमुख हस्तियों के नाम

कलीमुल्लाह खान पहले भी कई नामी हस्तियों के नाम पर आम की किस्मों का नामकरण कर चुके हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अखिलेश यादव और सोनिया गांधी जैसे नाम शामिल हैं।

मलीहाबाद: आम की विरासत का गढ़

खान ने मलीहाबाद की ऐतिहासिक बागवानी विरासत की चर्चा करते हुए बताया कि, “1919 के आसपास मलीहाबाद में आम की लगभग 1,300 किस्में पाई जाती थीं। लेकिन समय के साथ कई किस्में विलुप्त हो गईं। मैं इन्हें संरक्षित करने और फिर से जीवित करने की कोशिश कर रहा हूं।”

उन्होंने अब तक 300 से अधिक किस्मों को सफलतापूर्वक विकसित किया है

आम के औषधीय गुणों पर जोर

खान का मानना है कि आम सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी फल है। उन्होंने कहा, “मैंने विभिन्न स्थानों पर आम के औषधीय लाभों के प्रमाण प्रस्तुत किए हैं। अब यह देखना है कि शोध संस्थान इन निष्कर्षों को कैसे वैज्ञानिक प्रगति में बदलते हैं।”

कलीमुल्लाह खान का यह प्रयास न केवल भारतीय बागवानी को नया आयाम देता है, बल्कि यह एक प्रकार की जीवित श्रद्धांजलि है जो आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगी। ‘राजनाथ आम’ न सिर्फ एक फल होगा, बल्कि एक नेता की छवि, उसके विचारों और योगदान का स्थायी प्रतीक भी बनेगा।

Comments are closed.