मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दीं शुभकामनाएँ

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का संदेश

  • मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा ने मनाया राज्य स्थापना दिवस
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर तीनों राज्यों के लिए अलग-अलग संदेश दिए
  • गृह मंत्री अमित शाह ने संस्कृति, जैव विविधता और विकास की सराहना की
  • केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण भाग बताया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 21 जनवरी: मणिपुर मेघालय त्रिपुरा स्थापना दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने पूर्वोत्तर भारत के तीनों राज्यों के नागरिकों को शुभकामनाएँ दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन राज्यों के विकास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय योगदान की सराहना की।

त्रिपुरा के लिए प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर कहा कि यह राज्य परंपरा और आधुनिकता का संतुलित उदाहरण है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा ने हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और इसके नागरिक देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने राज्य के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की कामना की।

मणिपुर की सांस्कृतिक और खेल पहचान

मणिपुर को शुभकामनाएँ देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के लोग भारत की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने खेल, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति मणिपुर की विशिष्ट पहचान की सराहना की और विश्वास जताया कि यह राज्य आगे भी विकास के मार्ग पर अग्रसर रहेगा।

मेघालय के योगदान की सराहना

मेघालय के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य के नागरिकों ने देश के विकास में मजबूत योगदान दिया है। उन्होंने मेघालय की सांस्कृतिक जीवंतता और प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए कहा कि आने वाले समय में राज्य विकास की नई ऊँचाइयाँ छुएगा।

गृह मंत्री अमित शाह की शुभकामनाएँ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी तीनों राज्यों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने त्रिपुरा को विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ता हुआ राज्य बताया। मणिपुर को जीवंत संस्कृति और प्रतिभाशाली लोगों का राज्य बताते हुए उन्होंने इसकी निरंतर प्रगति की कामना की। वहीं, मेघालय को उन्होंने समृद्ध जैव विविधता और विविध संस्कृतियों का संगम बताया, जो भारत की भावना को सुदृढ़ करता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.