मन की बात: पीएम मोदी ने युवाओं के जन-संकल्प को बताया विकसित भारत की असली शक्ति
स्टार्टअप इंडिया के 10 साल: मन की बात में पीएम मोदी ने युवाओं को बताया विकास का इंजन
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प्रधानमंत्री मोदी ने 2026 के पहले मन की बात कार्यक्रम को किया संबोधित
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स्टार्टअप इंडिया की 10 वर्षीय यात्रा को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
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भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम
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युवाओं और उद्योग जगत से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 25 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के युवाओं और उनके जन-संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यही संकल्प भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया पहल के 10 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सफर देश के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी 2016 में शुरू हुई यह पहल उस समय भले ही एक छोटा प्रयास लगती हो, लेकिन आज इसने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाई है। उन्होंने युवाओं को इस यात्रा का वास्तविक नायक बताया।
भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। यह इकोसिस्टम पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर उन क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिनकी कल्पना एक दशक पहले मुश्किल मानी जाती थी।
उन्होंने बताया कि भारतीय स्टार्टअप्स अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष विज्ञान, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
युवाओं को सलाम
प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप से जुड़े और नए उद्यम शुरू करने की इच्छा रखने वाले युवाओं को सलाम करते हुए कहा कि उनका आत्मविश्वास और नवाचार भारत की आर्थिक मजबूती का आधार है।
गुणवत्ता पर विशेष जोर
मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री ने उद्योग और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े युवाओं से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और वैश्विक स्तर पर देश की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय उत्पादों की पहचान उच्च गुणवत्ता से होनी चाहिए, चाहे वह टेक्सटाइल हो, टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स या पैकेजिंग। उन्होंने इसे वर्ष 2026 का सामूहिक मंत्र बताया, “गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता।”
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