भांजी की शादी को लौट रहे उज्जैन के मंजूर अहमद की ईरानी हमले में मौत

• कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमले में उज्जैन के मंजूर अहमद की मौत।
• भांजी की शादी में शामिल होने 8 महीने बाद घर लौट रहे थे।
• परिवार रेलवे स्टेशन पर स्वागत की तैयारी कर रहा था।
• पार्थिव शरीर अहमदाबाद से उज्जैन लाकर अंतिम संस्कार किया गया।

समग्र समाचार सेवा
उज्जैन,मध्य प्रदेश 6 जून: मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी 55 वर्षीय मंजूर अहमद, जो अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए आठ महीने बाद घर लौट रहे थे, कुवैत हवाई अड्डे पर हुए एक ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए। यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब वे भारत लौटने की तैयारी कर रहे थे और उनका परिवार उनके स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ था।

तीन दशक से कुवैत में कर रहे थे काम

मंजूर अहमद पिछले लगभग 30 वर्षों से कुवैत में दर्जी का काम कर रहे थे। वे बुधवार सुबह कुवैत से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाले थे, जिसके बाद ट्रेन से उज्जैन पहुंचना था। उनकी भांजी का विवाह 8 जून को रतलाम जिले में निर्धारित था और पूरा परिवार उनकी प्रतीक्षा कर रहा था।

बेटे से कहा था- स्टेशन लेने आना

मंजूर ने यात्रा से एक दिन पहले अपने 18 वर्षीय बेटे अनस अहमद से फोन पर बात की थी। उन्होंने बेटे से कहा था कि वह नागदा ट्रेन से पहुंचेंगे और स्टेशन पर उन्हें लेने आ जाए। परिवार ने उनके स्वागत के लिए फूल-मालाओं और अन्य तैयारियों का इंतजाम भी कर लिया था।

खुशी का माहौल मातम में बदला

बुधवार दोपहर परिवार को सूचना मिली कि कुवैत हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले में मंजूर अहमद की मौत हो गई है। इस हमले में 13 अन्य भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई।

मंजूर के साले मोहम्मद इस्माइल ने कहा कि परिवार पूरी तरह टूट चुका है क्योंकि मंजूर ही परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे।

अहमदाबाद से उज्जैन लाया गया पार्थिव शरीर

शुक्रवार को मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर अहमदाबाद हवाई अड्डे पहुंचाया गया, जहां से सड़क मार्ग द्वारा उज्जैन लाया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग शामिल हुए।

भारत ने नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा की

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि संघर्ष में शामिल सभी पक्षों को नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने से बचना चाहिए। भारतीय दूतावास भी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सहायता के लिए सतर्क हैं।

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