झारखंड में 1 करोड़ के इनामी टॉप माओवादी नेता मिसिर बेसरा गिरफ्तार
कोबरा-सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई
- मिसिर बेसरा समेत तीन टॉप माओवादी नेता गिरफ्तार
- संयुक्त ऑपरेशन में कोबरा, सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस शामिल
- संगठन के नेटवर्क, हथियारों और फंडिंग को लेकर पूछताछ जारी
- हाल के महीनों में माओवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई
समग्र समाचार सेवा
रांची | 30 जुलाई : माओवादी संगठन CPI (माओवादी) के पोलितब्यूरो सदस्य और देश के सबसे वांछित माओवादी नेताओं में गिने जाने वाले मिसिर बेसरा को झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने दो करीबी सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। बेसरा पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। यह गिरफ्तारी झारखंड में माओवादी उग्रवाद के खिलाफ अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ऑपरेशन और गिरफ्तारी:
- ऑपरेशन मंगलवार रात झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के संयुक्त प्रयास से हुआ।
- गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर कार्रवाई की गई।
- बेसरा के साथ मेहना (मोच्छू/विभीषण मुर्मू) और गौरव (सौरभ)—दोनों रीजनल कमेटी सदस्य (प्रत्येक पर 15 लाख का इनाम)—भी पकड़े गए।
- दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पृष्ठभूमि और महत्व:
- गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले 16 माओवादी कैडरों ने रांची में सरेंडर किया था।
- सरेंडर करने वालों में बेसरा का पूर्व बॉडीगार्ड भी शामिल था, जिससे अहम सुराग मिले।
- बेसरा चार दशक से माओवादी आंदोलन में सक्रिय, 150 से ज्यादा केस, 2007 में पहली बार गिरफ्तार, 2009 में कोर्ट से फरार।
- पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से झारखंड में माओवादी नेतृत्व को बड़ा झटका लगेगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.