मथुरा के संस्कृत गुरुकुल में जहरीली गैस से 4 छात्रों की मौत

उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित एक संस्कृत गुरुकुल में पानी की टंकी साफ करने उतरे चार छात्र जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

  • मथुरा के वृंदावन क्षेत्र स्थित एक संस्कृत गुरुकुल में पानी की टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस रिसाव के कारण चार मासूम छात्रों की जान चली गई।
  • जानकारी के मुताबिक, ये छात्र बिना किसी सुरक्षा उपकरण के पानी की बंद पड़ी टंकी को साफ करने के लिए अंदर उतरे थे।
  • घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

समग्र समाचार सेवा
मथुरा, 07 अक्तूबर: उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र मथुरा के वृंदावन से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थित एक संस्कृत गुरुकुल में पानी की टंकी की सफाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें चार मासूम छात्रों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है और शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, गुरुकुल परिसर में बनी पानी की एक पुरानी और बंद पड़ी टंकी की सफाई का कार्य किया जाना था। सफाई के लिए गुरुकुल के ही कुछ छात्र बिना किसी आधुनिक सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर) या पेशेवर मदद के टंकी के अंदर उतर गए। बताया जा रहा है कि लंबे समय से बंद रहने के कारण टंकी के भीतर अत्यधिक मात्रा में जहरीली गैस (ऑक्सीजन की कमी और हानिकारक गैसों का संचय) बन गई थी। जैसे ही छात्र टंकी के अंदर पहुंचे, वे उस जहरीली गैस की चपेट में आ गए और कुछ ही पलों में अछूत होकर बेहोश हो गए।

बचाव प्रयासों में देरी और अस्पताल ले जाने पर पुष्टि

जब काफी देर तक छात्र टंकी से बाहर नहीं लौटे, तो अन्य लोगों ने अंदर झांककर देखा, जिसके बाद चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों और गुरुकुल के अन्य सदस्यों की मदद से छात्रों को बाहर निकाला गया और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचते ही चारों छात्रों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली गैस के प्रभाव और दम घुटने (Asphyxia) के कारण छात्रों की स्थिति तुरंत गंभीर हो गई थी।

प्रशासन की कार्रवाई और शोक की लहर

इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) समेत कई बड़े अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने इस पूरे मामले की गहनता से जांच के आदेश दे दिए हैं कि आखिर बिना सुरक्षा मानकों के छात्रों को टंकी में क्यों उतारा गया और क्या इसके लिए गुरुकुल प्रबंधन की कोई लापरवाही थी या नहीं। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृत छात्रों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे वृंदावन में शोक का माहौल व्याप्त है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.