समग्र समाचार सेवा
बीड़, 26 सितंबर: महाराष्ट्र के बीड़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ‘आई लव मोहम्मद’ कार्यक्रम के दौरान एक मौलाना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मंच से भड़काऊ बयानबाजी की और उन्हें खुलेआम दफनाने की धमकी दे दी। यह धमकी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलचल मचा दी है।
बीड़ जिले के माजलगांव में आयोजित इस कार्यक्रम में मौलाना अशफाक निसार शेख ने मंच से कहा कि अगर सीएम योगी यहां आते हैं तो उन्हें यहीं दफना दिया जाएगा। उन्होंने इस दौरान अपशब्दों का भी प्रयोग किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है।
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— India TV (@indiatvnews) September 26, 2025
‘आई लव मोहम्मद’ कार्यक्रम और विरोध
देशभर में मुस्लिम संगठनों द्वारा ‘आई लव मोहम्मद’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन किए जाते हैं। बीड़ में भी मस्जिद के बाहर प्रदर्शन हुआ, जहां अशफाक निसार शेख ने सीएम योगी को धमकी दी। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम धार्मिक सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है।
कुछ संगठनों ने हाल ही में कानपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी। उनका दावा है कि इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ। बीड़ में हुई धमकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की निगाहें हैं।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
माजलगांव पुलिस थाने में फिलहाल इस धमकी पर कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और धमकी देने वाले मौलाना की पहचान के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान कानून और संविधान दोनों के खिलाफ हैं। यह मामला न केवल राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील है, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौतीपूर्ण है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। कई लोग मौलाना के बयान की निंदा कर रहे हैं, वहीं कुछ धार्मिक संगठनों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत देखा है। राजनीतिक दलों ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस घटना ने यह भी उजागर किया कि धार्मिक और राजनीतिक संवेदनशील मुद्दों को लेकर समाज में बढ़ती कटुता पर नियंत्रण की आवश्यकता है। पुलिस और प्रशासन के कदम पर अब देशभर की नजरें टिकी हैं।
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