उत्तर भारत में मानसून का कहर: पंजाब में 51 मौतें, हिमाचल में 747 सड़कें बंद, दिल्ली-एनसीआर में अलर्ट
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9 सितंबर: इस बार देश के उत्तरी हिस्से में मानसून थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नदियाँ उफान पर हैं, पहाड़ खिसक रहे हैं और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान-गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए गरज के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सप्ताह के दौरान बुधवार, गुरुवार और शनिवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शुक्रवार और रविवार को बारिश की संभावना कम है, लेकिन बादल छाए रहेंगे।
पंजाब में बाढ़ से तबाही
पंजाब में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। राज्य सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, मरने वालों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। नदियों के उफान से कई इलाके जलमग्न हैं और हज़ारों लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा करेंगे। वे दोपहर 1:30 बजे हिमाचल के कांगड़ा और 3 बजे पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।
पंजाब सरकार के अनुसार, अब तक हुए नुकसान का अनुमान 20,000 करोड़ रुपये है। आम आदमी पार्टी के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्र से राहत पैकेज की उम्मीद जताई है, वहीं भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पीएम मोदी पंजाब के लिए अधिकतम मदद सुनिश्चित करेंगे।
हिमाचल में बंद सड़कें और तबाही
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते 747 सड़कें बंद हैं, जिनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3 मंडी-धर्मपुर, NH-70 जालंधर-मंडी, NH-305 ओट-सैंज) शामिल हैं। राज्य में 959 बिजली ट्रांसफार्मर और 472 जलापूर्ति योजनाएँ ठप पड़ी हैं। कुल्लू में 225, मंडी में 183 और शिमला में 137 सड़कें बाधित हैं।
अब तक राज्य में बारिश और भूस्खलन से 4,122 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मानसून सीज़न में 370 लोगों की मौत हो चुकी है। 136 बड़े भूस्खलन, 95 बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएँ दर्ज की गई हैं।
उत्तराखंड में अलर्ट
उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मैदानी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 14 सितंबर तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राज्य में पिछले दिनों की बारिश ने कई जगह नुकसान पहुँचाया है, वहीं उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
Comments are closed.