NCERT : कक्षा 8 की पुस्तक से ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला अध्याय हटाया

  • कक्षा 8 की एनसीईआरटी पुस्तक से ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ अध्याय हटाया गया
  • नए संस्करण में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका, PIL, ट्रिब्यूनल्स और ADR पर ज़ोर
  • ‘Big Questions’ अनुभाग का बदलाव, अब न्याय के महत्व पर फोकस
  • पुराने संस्करण में 51, नए में 48 टीम सदस्यों का उल्लेख

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली 7 जुलाई : एनसीईआरटी ने विवाद के महीनों बाद कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक से ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाला अध्याय हटा दिया है। नए संस्करण में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक भूमिका, लोकहित याचिका (PIL), ट्रिब्यूनल्स और वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को विस्तार से शामिल किया गया है।

एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक का संशोधित संस्करण जारी किया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के महीनों बाद उठाया गया, जिसमें ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ नामक अध्याय को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

 

संशोधित पुस्तक में विवादित अंश, न्यायिक लंबित मामलों और दो बड़े अदालती फैसलों का उल्लेख हटा दिया गया है। इसके स्थान पर अब नए विषयों को जोड़ा गया है, जैसे सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक भूमिका, लोकहित याचिका (PIL), ट्रिब्यूनल्स और वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली।

 

नए संस्करण में छात्रों के लिए ‘Big Questions’ अनुभाग को भी बदला गया है। पहले विद्यार्थियों से स्वतंत्र न्यायपालिका की आवश्यकता पर सवाल पूछा जाता था, अब सवाल यह है कि “न्याय एक न्यायपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण समाज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?”

पुराने संस्करण में 51 लोगों की टीम का नाम था, जबकि नए में 48 का उल्लेख है। इस बदलाव के बाद शिक्षाविदों और छात्रों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

Comments are closed.