एनडीआरएफ स्थापना दिवस पर पीएम मोदी: सेवा, साहस और समर्पण की मिसाल हैं हमारे जवान
आपदाओं में उम्मीद की किरण है एनडीआरएफ, स्थापना दिवस पर पीएम मोदी का संदेश
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एनडीआरएफ ने मनाया 21वां स्थापना दिवस
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पीएम मोदी ने जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की
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अमित शाह ने एनडीआरएफ को आपदा-प्रतिरोधी भारत की रीढ़ बताया
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नितिन गडकरी ने त्वरित कार्रवाई और पेशेवर दक्षता को सराहा
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 19 जनवरी: देश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी बन चुके राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने सोमवार को अपने गठन के 21 वर्ष पूरे कर लिए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीआरएफ के जवानों को राष्ट्र की सुरक्षा में समर्पित बल बताते हुए उनके योगदान को ऐतिहासिक करार दिया।
संकट में सबसे आगे रहने वाला बल
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी देश किसी प्राकृतिक या मानवीय आपदा से जूझता है, एनडीआरएफ के जवान बिना देर किए सबसे पहले मोर्चा संभालते हैं। कठिन हालात, सीमित संसाधन और जोखिम के बावजूद ये जवान राहत और बचाव कार्यों में जुटकर हजारों जिंदगियों को नया जीवन देते हैं।
सेवा और कौशल का संयोजन
पीएम मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और अनुशासन के बल पर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। बीते दो दशकों में एनडीआरएफ ने अपनी कार्यशैली से यह साबित किया है कि सेवा और पेशेवर क्षमता साथ-साथ चल सकती है।
वैश्विक मंच पर भारत की पहचान
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि एनडीआरएफ की तैयारियों और अभियानों की सराहना अब केवल देश तक सीमित नहीं है। कई अंतरराष्ट्रीय आपदा राहत अभियानों और अभ्यासों में भाग लेकर एनडीआरएफ ने वैश्विक स्तर पर भारत की साख को मजबूत किया है।
गृह मंत्री अमित शाह का बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीआरएफ को आपदा-प्रतिरोधी भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि संकट के समय यह बल देशवासियों के भरोसे का सबसे मजबूत नाम बन चुका है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कर्मियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
नितिन गडकरी ने क्या कहा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एनडीआरएफ की तेज प्रतिक्रिया क्षमता और अनुकरणीय अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही गुण इस बल को आपदाओं के बीच उम्मीद का प्रतीक बनाते हैं।
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