समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 20 मई : CBI ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में पुणे की प्रोफेसर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया है। जांच में स्पेशल कोचिंग, संदिग्ध सवाल और राजनीतिक कनेक्शन को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं।
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। एजेंसी ने पुणे के मॉडर्न कॉलेज की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार, मंधारे पर आरोप है कि उन्होंने अपने घर पर विशेष कोचिंग चलाकर छात्रों को ऐसे Botany और Zoology के सवाल तैयार करवाए, जो बाद में वास्तविक NEET परीक्षा में पूछे गए।
जांच एजेंसी का दावा है कि प्रोफेसर मंधारे छात्रों को नोटबुक में महत्वपूर्ण प्रश्न लिखवाती थीं और टेक्स्टबुक में विशेष हिस्सों को मार्क करवाती थीं। बाद में जब NEET UG 2026 का प्रश्नपत्र सामने आया, तो कई सवाल कथित तौर पर उन्हीं नोट्स से मेल खाते पाए गए। इस खुलासे के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
CBI जांच में बड़े खुलासे
CBI सूत्रों के अनुसार, मनीषा मंधारे का नाम उन लोगों की सूची में शामिल है, जो कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े थे। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाया गया था। मामले में राजस्थान सहित कई राज्यों से गिरफ्तारियां हुई हैं। राजस्थान के दिनेश बिवल का नाम भी सामने आया है, जिनके भाजपा और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) से जुड़े होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
मॉडर्न कॉलेज पर भी उठे सवाल
गिरफ्तारी के बाद मॉडर्न कॉलेज प्रशासन ने प्रोफेसर मंधारे से दूरी बनानी शुरू कर दी है। हालांकि, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि संस्थान का संबंध RSS से जुड़े कुछ व्यक्तियों से रहा है। समस्त हिंदू आघाड़ी के नेता मिलिंद एकबोटे के भाई गजानन एकबोटे कॉलेज के चेयरमैन बताए जा रहे हैं, जबकि प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता एकबोटे भाजपा युवा मोर्चा की वाइस प्रेसिडेंट हैं।मॉडर्न कॉलेज अब उनसे पल्ला झाड़ रहा है, लेकिन सवाल ये है – क्या इतनी आसानी से बच सकते हैं?
ये वही मॉडर्न कॉलेज है जिसका खुला RSS कनेक्शन है। मिलिंद एकबोटे (समस्त हिंदू आघाड़ी) से सीधा लिंक, उनके भाई गजानन एकबोटे इसके चेयरमैन हैं। प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता एकबोटे भाजपा युवा मोर्चा की वाइस प्रेसिडेंट हैं। पिछले साल इसी कॉलेज ने दलित स्टूडेंट प्रेम बिरहाड़े को UK जॉब के लिए क्लियरेंस देने में देरी की, जिसकी वजह से उनका जॉब चला गया – ये मामला भी काफी चर्चा में था
छात्रों के भविष्य पर बड़ा सवाल
NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों छात्र कठिन मेहनत के साथ परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर होता है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। CBI फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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