पूर्वोत्तर को अष्ट-लक्ष्मी का दर्जा: नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर समिट में बोले प्रधानमंत्री मोदी, ‘अब भारत की एक्ट ईस्ट नीति धरातल पर’

समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 23 मई:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन सत्र में पूर्वोत्तर भारत को अष्ट-लक्ष्मी’ की संज्ञा देते हुए कहा कि अब यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में केंद्रीय मंत्रियों ने 100 से अधिक बार पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा किया है और इन दौरों में एक रात रुकना अनिवार्य किया गया था, ताकि वे जमीनी हकीकत से सीधे रूबरू हो सकें।

प्रधानमंत्री ने कहा, अब नॉर्थ ईस्ट, भारत की एक्ट ईस्ट नीति का असली चेहरा बन चुका है। जो कभी दूरी और दरकिनार की नीति का शिकार रहा, वही क्षेत्र आज देश के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।”

पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि नॉर्थ ईस्ट अब केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि एक आर्थिक केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, हवाई, और डिजिटल कनेक्टिविटी पर बड़े पैमाने पर निवेश से अब यह क्षेत्र निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

इस समिट में देश के बड़े उद्योगपतियों की उपस्थिति ने पूर्वोत्तर की बढ़ती अहमियत को और भी स्पष्ट कर दिया। अदानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी और वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल जैसे दिग्गज निवेशकों ने समिट में भाग लिया और इस क्षेत्र में निवेश की प्रतिबद्धता जताई।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, पूर्वोत्तर के आठ राज्य – अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा – अब सिर्फ सीमा क्षेत्र नहीं हैं, ये हमारी अष्ट-लक्ष्मी हैं। इन्हें अगर सही अवसर मिले, तो ये सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि पूरे भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”

उन्होंने युवाओं, महिला उद्यमियों, और लोकल स्टार्टअप्स की भूमिका को भी अहम बताया और कहा कि सरकार इनकी ऊर्जा और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव समर्थन दे रही है।

नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर समिट ने यह संकेत स्पष्ट कर दिया कि भारत का पूर्वोत्तर अब सीमांत क्षेत्र नहीं, बल्कि संभावनाओं का केंद्र है। प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों में, पूर्वोत्तर की पहचान अब बदल रही है – सीमाओं से समृद्धि की ओर।”

 

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