समग्र समाचार सेवा
भुवनेश्वर, 15 जुलाई: ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन महाविद्यालय की छात्रा की दर्दनाक मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। उत्पीड़न से परेशान होकर खुद को आग लगाने वाली छात्रा ने सोमवार देर रात एम्स भुवनेश्वर में दम तोड़ दिया। अब इस मामले में कांग्रेस के नेतृत्व में आठ विपक्षी दलों ने 17 जुलाई को एक दिन के ओडिशा बंद का ऐलान किया है।
विपक्ष ने साधा निशाना
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस मामले पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि फकीर मोहन महाविद्यालय में हुई यह घटना बताती है कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है। दास ने आरोप लगाया कि छात्रा कॉलेज परिसर में पेट्रोल लेकर आई, लेकिन किसी ने उसे रोकने या उसकी मदद करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि मृतक छात्रा को न्याय दिलाने के लिए ही वाम दलों सहित आठ दलों ने ओडिशा बंद का आह्वान किया है।
तीन दिन तक जिंदगी से संघर्ष
बी.एड द्वितीय वर्ष की यह छात्रा पिछले तीन दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। कॉलेज में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आहत होकर छात्रा ने कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी। 95 प्रतिशत जल चुकी छात्रा को आनन-फानन में एम्स भुवनेश्वर लाया गया, जहां सोमवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।
सरकार ने उठाए कदम
घटना के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल और शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने भी इस घटना पर शोक जताते हुए कहा कि यह केवल एक त्रासदी नहीं है, बल्कि हमारे शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता की याद दिलाती है।
Comments are closed.