TMC ( टीएमसी ) बागियों की मौजूदगी पर विपक्ष का वॉकआउट

ऑल पार्टी मीट ,NCPI को लेकर उठे सवाल

  • संसद के मानसून सत्र से पहले ऑल पार्टी मीटिंग में टीएमसी के 20 बागी सांसदों के NCPI के साथ शामिल होने पर विपक्ष ने विरोध जताया और प्रतीकात्मक वॉकआउट किया।
  • विपक्ष ने कहा कि NCPI को आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है, ऐसे में उसे बैठक में आमंत्रित करना संसदीय प्रक्रिया के खिलाफ है।
  • कांग्रेस सहित विपक्ष ने राम मंदिर डोनेशन घोटाला, NEET पेपर लीक, कृषि और पेट्रोल में E20 ब्लेंड जैसे मुद्दे भी उठाए।
  • NCPI गुट की नेता काकली घोष दस्तीदार ने सरकार का धन्यवाद किया और बताया कि विलय की मंजूरी के लिए जरूरी दस्तावेज जल्द स्पीकर को सौंपे जाएंगे।

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 19 जुलाई :संसद के मानसून सत्र से पहले हुई ऑल पार्टी मीटिंग में टीएमसी के बागी सांसदों के NCPI के साथ शामिल होने को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध जताया।  करीब 20 टीएमसी बागी सांसद जून में नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए थे। विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया कि जब तक इस विलय को स्पीकर की स्वीकृति नहीं मिलती, NCPI को ऑल पार्टी मीटिंग में कैसे बुलाया जा सकता है।

विपक्ष ने मोदी सरकार पर लोकतंत्र में अपनी आवाज दबाने का आरोप लगाया और वॉकआउट को विरोध का प्रतीक बताया। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने इसे NCPI को बुलाए जाने के खिलाफ ‘प्रतीकात्मक बहिष्कार’ कहा।

विपक्ष ने राम मंदिर डोनेशन घोटाला, NEET पेपर लीक, कृषि और पेट्रोल में E20 ब्लेंड जैसे मुद्दे भी उठाए। NCPI गुट की नेता काकली घोष दस्तीदार ने बैठक में शामिल होने की अनुमति देने पर संसदीय कार्य मंत्री का धन्यवाद किया और बताया कि विलय की आधिकारिक मंजूरी के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जल्द स्पीकर को सौंपे जाएंगे। उन्होंने अपने गुट को टीएमसी से अलग सीट मिलने को भी सकारात्मक कदम बताया।

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