संसदीय स्थायी समिति (वाणिज्य) का तीन शहरों का दौरा, भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों की समीक्षा

विशाखापत्तनम, चेन्नई और कोयंबटूर में विभिन्न क्षेत्रों पर अमेरिकी शुल्क के असर का होगा आकलन

  • भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन के लिए अध्ययन दौरा
  • अमेरिकी शुल्कों से प्रभावित क्षेत्रों की चुनौतियों पर मंथन
  • समुद्री, ऑटोमोबाइल, चमड़ा और वस्त्र क्षेत्रों पर विशेष फोकस
  • निर्यात बढ़ाने और प्रभाव कम करने के उपायों पर चर्चा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 07 जनवरी: विभागीय संसदीय स्थायी समिति (वाणिज्य) 6 से 8 जनवरी 2026 तक विशाखापत्तनम, चेन्नई और कोयंबटूर के अध्ययन दौरे पर है। इस दौरे का उद्देश्य भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन करना और विभिन्न क्षेत्रों पर बढ़े हुए अमेरिकी शुल्कों के प्रभाव का आकलन करना है।

विशाखापत्तनम में समुद्री क्षेत्र पर चर्चा

विशाखापत्तनम में समिति ने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और हितधारकों के साथ बैठक कर भारतीय समुद्री क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान मत्स्य पालन, निर्यात परिषदों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई। समिति ने मछली पकड़ने के बंदरगाह का दौरा किया और रामकृष्णा बीच के पास समुद्री पिंजरों का भी निरीक्षण किया।

चेन्नई में ऑटोमोबाइल और चमड़ा उद्योग की समीक्षा

7 जनवरी को समिति चेन्नई पहुंचेगी, जहां अमेरिकी शुल्कों के ऑटोमोबाइल और चमड़ा क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर उद्योग प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।

कोयंबटूर में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र पर फोकस

8 जनवरी को समिति कोयंबटूर का दौरा करेगी। यहां वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के संदर्भ में भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन किया जाएगा। बैठक में निर्माता, निर्यातक और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

केंद्र सरकार के विभागों की भागीदारी

दौरे के दौरान वाणिज्य विभाग, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, वस्त्र मंत्रालय और एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारी भी संबंधित बैठकों में उपस्थित रहेंगे।

समिति का यह दौरा विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों और चिंताओं को समझने के साथ-साथ निर्यात को बढ़ावा देने के लिए संभावित उपायों की तलाश के उद्देश्य से किया जा रहा है।

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