समग्र समाचार सेवा
पटना, बिहार, 13 अक्टूबर: भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की है, लेकिन इससे पहले ही पटना के कुम्हरार से अरुण कुमार सिन्हा ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया। चर्चा थी कि उनके टिकट पर संशय था, ऐसे में उन्होंने पहले ही चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया।
अरुण सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “आगामी विधानसभा चुनाव में मैं प्रत्याशी के रूप में चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन संगठन के लिए कार्य करता रहूंगा। पिछले 25 वर्षों में आप सभी ने जो विश्वास एवं सहयोग दिया उसका सदा आभारी रहूंगा। कार्यकर्ता सर्वोपरि, संगठन सर्वोपरि।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका फोकस अब पार्टी और संगठन की मजबूती पर रहेगा और वह अपने अनुभव का उपयोग चुनावी तैयारी और रणनीति में करेंगे।
एनडीए का सीट बंटवारा
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने रविवार को सीटों का बंटवारा कर दिया है। इसके तहत:
- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भाजपा को 101-101 सीटें मिली हैं।
- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं।
- पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोपा) को 6-6 सीटें दी गई हैं।
महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा आज होने की उम्मीद है।
चुनाव की तैयारी और मुख्य मुकाबला
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को संपन्न होगी।
मुख्य मुकाबला भाजपा-जदयू नेतृत्व वाले एनडीए और राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है। महागठबंधन एनडीए का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने का प्रयास कर रहा है।
एनडीए में शामिल अन्य घटक दल हैं:
- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम)
- लोजपा (रामविलास)
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा
इसके अलावा, बिहार की चुनावी जंग में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोक दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अरुण सिन्हा का चुनाव न लड़ने का फैसला पार्टी संगठन के लिए सकारात्मक हो सकता है। उनकी राजनीतिक अनुभव और रणनीतिक सलाह से एनडीए को चुनाव में मजबूती मिलेगी।
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