-
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 29 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में बैठक की अध्यक्षता की।
-
बैठक में डीजीएफटी और वाणिज्य विभाग ने निर्यात सुधारों और प्रदर्शन पर प्रस्तुतिकरण दिए।
-
उद्योग प्रतिनिधियों ने निर्यात विविधीकरण और व्यापारिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
-
सरकार ने भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजारों में आसान पहुंच और कारोबारी माहौल को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर:नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर 2025 को निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs) और उद्योग संगठनों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वाणिज्य विभाग, राजस्व विभाग, और औद्योगिक एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) सहित कई संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक का उद्देश्य चालू वित्त वर्ष 2025–26 की पहली छमाही में किए गए सुधारों की समीक्षा, निर्यात प्रदर्शन का आकलन, और आगामी नीतिगत कदमों की दिशा तय करना रहा।
निदेशालय जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) और वाणिज्य विभाग ने इस अवसर पर ऐसी नीतियों और योजनाओं की प्रस्तुति दी जो निर्यातकों को प्रक्रियागत सरलता, डिजिटल समाधान, और अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंच सुनिश्चित करती हैं। बैठक में विभिन्न उद्योग क्षेत्रों—जैसे टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, रत्न-आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स, सेवा क्षेत्र व चिकित्सा उपकरण, के प्रतिनिधियों ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत किया।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO), CII, FICCI, पीएचडीसीसीआई, एसोचैम, SIAM और नैस्कॉम जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सरकार से निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की निरंतरता और नए बाजार अवसरों पर बल दिया।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए एक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक व्यापार वातावरण बनाना है, ताकि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और गति दी जा सके और भारतीय उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजारों तक विस्तारित हो। उन्होंने निर्यातकों को गुणवत्ता और नवाचार में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और भरोसा दिलाया कि सरकार सभी हितधारकों के साथ खुला संवाद जारी रखेगी।
Comments are closed.