पीएम मोदी ने आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत के महान समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक नेता आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए भावे के गांधीवादी आदर्शों और समाजसेवा के प्रति समर्पण को याद किया।

मोदी का श्रद्धांजलि संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा:
“आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर श्रद्धांजलि। उन्हें भारत के सबसे सम्मानित आध्यात्मिक नेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और समाज सुधारकों में से एक के रूप में याद किया जाता है। उनका जीवन गांधीवादी आदर्शों को लोकप्रिय बनाने और देश के सबसे कमजोर लोगों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित था। उनके विचार हमें एक विकसित भारत के निर्माण के लिए बहुत प्रेरित करते हैं।”

बिंदु पर आधारित जीवन दर्शन

आचार्य विनोबा भावे को विशेष रूप से भूमि दान आंदोलन (भूदान आंदोलन) के लिए जाना जाता है। यह आंदोलन स्वतंत्र भारत के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक प्रयोग था, जिसमें उन्होंने धनी जमींदारों से भूमि दान में लेकर गरीब और भूमिहीन किसानों को वितरित करने का अभियान चलाया। प्रधानमंत्री ने भी अपने संदेश में इस आंदोलन की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

गांधीवादी विचारधारा के वाहक

मोदी ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे का जीवन पूरी तरह गांधीवादी सिद्धांतों – अहिंसा, सत्य और समरसता – पर आधारित था। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया, बल्कि स्वतंत्र भारत के सामाजिक पुनर्निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाई।

आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने भावे के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि भावे का जीवन हमें यह सिखाता है कि समानता और न्याय के बिना कोई भी राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। भावे की शिक्षाएं और कार्य एक विकसित भारत के संकल्प के लिए मार्गदर्शक हैं।

आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि केवल स्मरण भर नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक आह्वान भी है। उनका संदेश इस बात पर जोर देता है कि यदि हम विनोबा भावे के आदर्शों को आत्मसात करें, तो भारत को एक सशक्त, समावेशी और न्यायपूर्ण राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

 

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