- प्रधानमंत्री मोदी ने NEET पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की, कहा—परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाना सामूहिक जिम्मेदारी
- NDA संसदीय पार्टी की बैठक में पीएम ने सभी सांसदों से देश के भविष्य व युवाओं के हित में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया
- विपक्षी दलों ने पेपर लीक, राम मंदिर डोनेशन घोटाले सहित कई मुद्दों पर मानसून सत्र के पहले दिन संसद में जोरदार हंगामा किया
- सरकार ने कहा—पेपर लीक की खबर मिलते ही त्वरित कार्रवाई हुई, CBI ने किंगपिन को गिरफ्तार किया, शिक्षा मंत्रालय ने शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू किया
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21 जुलाई :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में NEET पेपर लीक के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की और कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकना पूरे देश की जिम्मेदारी है। मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा—“फुलप्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।”
पीएम मोदी ने NDA सांसदों से संसद में विधायी कार्यों को समर्थन देने और विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद भले हों, लेकिन सभी सांसदों का कर्तव्य है कि वे देश के भविष्य और युवाओं के कल्याण के लिए मिलकर काम करें।
सरकार की ओर से बताया गया कि NEET पेपर लीक की रिपोर्ट मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई, जिसमें गिरफ्तारियां की गईं और CBI ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया। शिक्षा मंत्रालय ने भी संदेहास्पद गतिविधियों की रिपोर्टिंग के लिए एक वेबसाइट शुरू की है।
इस बीच, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने NEET पेपर लीक, राम मंदिर डोनेशन घोटाले जैसे मुद्दों पर जमकर विरोध किया। आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में कई सेलेब्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आवाज उठाई है।
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