पीएम मोदी–नेतन्याहू फोन वार्ता: रणनीतिक साझेदारी, आतंकवाद और पश्चिम एशिया पर चर्चा
मोदी और नेतन्याहू की बातचीत, भारत–इजरायल रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति
-
प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री और जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं
-
रणनीतिक साझेदारी और काउंटर टेररिज्म पर विस्तार से चर्चा
-
पश्चिम एशिया के हालात और गाजा शांति प्रयासों पर विचार-विमर्श
-
आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ सख्त रुख दोहराया
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली |07 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत–इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देने, क्षेत्रीय सुरक्षा तथा आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
नए साल की शुभकामनाओं के साथ संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान नेतन्याहू और इजरायल की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग को साझा मूल्यों पर आधारित बताते हुए आने वाले समय में इसे और सुदृढ़ करने की बात कही।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत की और भारत–इजरायल रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही क्षेत्रीय हालात पर विचार साझा किए और आतंकवाद से मजबूती से लड़ने के संकल्प को दोहराया।
दिसंबर 2025 में भी हुई थी बातचीत
इससे पहले दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच 10 दिसंबर 2025 को भी फोन पर संवाद हुआ था। उस समय दोनों नेताओं ने भारत–इजरायल संबंधों में हो रही निरंतर प्रगति पर संतोष जताया था और आपसी हितों के लिए सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
आतंकवाद पर सख्त रुख
दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए इसके हर रूप और अभिव्यक्ति के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी न बरतने की नीति को दोहराया। उन्होंने सुरक्षा और काउंटर टेररिज्म के क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
पश्चिम एशिया और गाजा पर चर्चा
वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में निष्पक्ष और स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की, जिसमें गाजा शांति योजना के शीघ्र कार्यान्वयन का उल्लेख भी शामिल रहा। दोनों नेताओं ने लगातार संपर्क में बने रहने पर सहमति व्यक्त की।
भारत दौरा टलने का संदर्भ
गौरतलब है कि इजरायली प्रधानमंत्री का दिसंबर 2025 में भारत दौरा प्रस्तावित था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। यह तीसरी बार था जब उनका भारत दौरा टला, जिस पर राजनीतिक और सुरक्षा कारणों को लेकर चर्चाएं हुई थीं।
Comments are closed.