प्रधानमंत्री हूं, फिर भी लोग अलग-अलग तरीके बताते हैं: परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी का छात्रों को आत्मविश्वास मंत्र

परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि सबकी सलाह सुनें, लेकिन अपनी पढ़ाई की शैली पर भरोसा बनाए रखें।

  • परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों से सीधे संवाद
  • पढ़ाई के पैटर्न को लेकर पीएम मोदी ने साझा किया निजी अनुभव
  • सलाह और आत्मअनुभव के संतुलन पर दिया जोर
  • छात्रों ने पीएम मोदी के संवाद को बताया प्रेरणादायक

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 06 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान छात्रों को पढ़ाई और जीवन से जुड़ा एक अहम मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी सीखने की शैली होती है और उसी पर भरोसा करना चाहिए। सभी की सलाह सुनना जरूरी है, लेकिन अपने तरीके में बदलाव तभी करें, जब उससे वास्तव में लाभ महसूस हो।

आपकी शैली आपकी गति पर संवाद

कार्यक्रम के पहले अध्याय ‘आपकी शैली, आपकी गति’ के दौरान गुजरात की एक छात्रा ने सवाल उठाया कि परीक्षा के समय शिक्षक और अभिभावक अलग-अलग तरह से पढ़ने की सलाह देते हैं, जबकि छात्रों का खुद का एक अलग पैटर्न होता है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर चलने वाली प्रक्रिया है।

“मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी…”

पीएम मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा,
“मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं, फिर भी लोग मुझे अलग-अलग तरीकों से काम करने की सलाह देते हैं। लेकिन हर व्यक्ति का अपना एक तरीका होता है।”

रोजमर्रा के उदाहरण से समझाया

प्रधानमंत्री ने परिवार के साथ भोजन करने का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हर व्यक्ति का खाने का तरीका अलग होता है, वैसे ही पढ़ाई का भी पैटर्न अलग-अलग हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कुछ छात्र सुबह बेहतर पढ़ पाते हैं, जबकि कुछ रात में अधिक एकाग्र हो पाते हैं। इसलिए छात्रों को अपने स्वभाव और सुविधा के अनुसार पढ़ाई करनी चाहिए।

सलाह सुनें, लेकिन निर्णय खुद लें

पीएम मोदी ने छात्रों को सलाह दी कि सभी की बातें जरूर सुनें, लेकिन उन्हें अपने जीवन में तभी अपनाएं, जब वे अनुभव से सही लगें।

उन्होंने कहा, “किसी के कहने पर नहीं, बल्कि अपने अनुभव के आधार पर ही बदलाव करें।”

परीक्षा पे चर्चा के पैटर्न में बदलाव का उदाहरण

प्रधानमंत्री ने बताया कि जब ‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत हुई थी, तब इसका स्वरूप अलग था। समय के साथ इसमें बदलाव किए गए और अब अलग-अलग राज्यों के छात्रों से संवाद किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने भी कुछ चीजें बदलीं, लेकिन अपने मूल तरीके को कायम रखा।

छात्रा की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री का जवाब सुनने के बाद छात्रा ने कहा कि पीएम मोदी का स्वभाव बहुत सहज और अपनापन भरा था। उन्होंने बच्चों को यह समझाया कि अपने पैटर्न पर ध्यान देना जरूरी है, लेकिन दूसरों की अच्छी बातों को भी सीखना चाहिए।

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