समग्र समाचार सेवा
चेन्नई/त्रिची, 27 जुलाई: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार की रात तमिलनाडु के त्रिची में एक भव्य सांस्कृतिक और राजनीतिक दौरे की शुरुआत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात एआईएडीएमके महासचिव ई. पलानीस्वामी से हवाई अड्डे पर हुई, जिसे दोनों दलों के बीच गठबंधन के बाद हुई पहली औपचारिक मुलाकात के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने तूतीकोरिन में 4,900 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद त्रिची में प्रवेश किया, जहां पर उनका भव्य स्वागत किया गया। एआईएडीएमके और भाजपा के गठबंधन की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात बेहद राजनीतिक महत्व रखती है, क्योंकि एआईएडीएमके का दावा है कि वह 2026 विधानसभा चुनावों में बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी, वहीं भाजपा का स्पष्ट रुख है कि एनडीए जीतने पर वह सरकार में भागीदारी करेगी।
पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री से की संक्षिप्त लेकिन प्रतीकात्मक मुलाकात
हवाई अड्डे पर पलानीस्वामी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच कुछ मिनटों की मुलाकात हुई, जिसे पलानीस्वामी ने “शानदार” बताया। यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि दोनों नेताओं ने गठबंधन के बाद पहली बार आमने-सामने संवाद किया।
गंगईकोंडा चोलपुरम और सांस्कृतिक संकेत
भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री के गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल आस्था नहीं, बल्कि राजेंद्र चोल की 1,000वीं जयंती और तमिल संस्कृति के वैभव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा यह संदेश देता है कि “इतिहास मायने रखता है।”
#WATCH | Ariyalur, Tamil Nadu | Prime Minister Narendra Modi to participate in the celebration of the birth anniversary of the great Chola emperor Rajendra Chola I with the Aadi Thiruvathirai Festival at Gangaikonda Cholapuram Temple in Tamil Nadu today
Visuals from Gangaikonda… pic.twitter.com/2vsqNRTlan
— ANI (@ANI) July 27, 2025
राजनीतिक बयानबाज़ी में तीखापन भी
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के स्वास्थ्य को लेकर अन्नामलाई ने शुभकामनाएं दीं, लेकिन डीएमके से आग्रह किया कि वह पीएम से ज्ञापन सौंपने की राजनीति न करे। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु को मनरेगा सहित कई योजनाओं में सबसे अधिक लाभ मिला है, और केवल शिकायतें करने से राजनीति नहीं चलती।”
त्रिची में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को देखते हुए त्रिची में ड्रोन, UAV और हाई अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। जगह-जगह पोस्टर-बैनर और स्वागत द्वार लगाए गए हैं। दौरे के समापन कार्यक्रम में राज्यपाल आर.एन. रवि, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, और सूचना एवं प्रसारण मंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी मौजूद रहेंगे।
#WATCH | Tamil Nadu: Trichy decked up with posters and banners of Prime Minister Narendra Modi as he will participate in the celebration of the birth anniversary of the great Chola emperor Rajendra Chola I with the Aadi Thiruvathirai Festival at Gangaikonda Cholapuram Temple in… pic.twitter.com/NxxLJmAQAD
— ANI (@ANI) July 27, 2025
यह समारोह न केवल राजनीतिक संवाद का प्रतीक है, बल्कि तमिल कला, संस्कृति और इतिहास का भी गौरवशाली संगम बन गया है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा जहां एक ओर तमिल सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह राजनीतिक समीकरणों को फिर से आकार देने वाला क्षण भी बन सकता है। एआईएडीएमके और भाजपा के रिश्तों में यह मुलाकात एक “वार्मिंग अप” के संकेत दे रही है, खासकर जब राज्य में गठबंधन की भूमिका और हिस्सेदारी को लेकर परस्पर विरोधी रुख दिख रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का त्रिची दौरा केवल परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं था—यह एक सांस्कृतिक उत्सव, राजनीतिक संकेत और ऐतिहासिक अवसर का संयोजन था। एआईएडीएमके और भाजपा के नेताओं के बीच आगे की राजनीति किस दिशा में जाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा, लेकिन इस मुलाकात ने भविष्य की पटकथा लिखनी शुरू कर दी है।
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