समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 18 दिसंबर।
मध्य प्रदेश के लगभग 35.50 लाख किसानों को आज शुक्रवार को करीब 1600 करोड़ रुपये की राहत राशि दी जा रही है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने बीते 5-6 वर्षों में जो ये आधुनिक व्यवस्था बनाई है, उसकी आज पूरी दुनिया में चर्चा है. भारत की कृषि, भारत का किसान, अब और पिछड़ेपन में नहीं रह सकता है. दुनिया के बड़े-बड़े देशों के किसानों को जो आधुनिक सुविधा उपलब्ध है, वो सुविधा भारत के भी किसानों को मिले, इसमें अब और देर नहीं की जा सकती।
पीएम मोदी ने कहा, मैं सभी राजनीतिक दलों से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि कृपया सारा श्रेय अपने पास रखें. मैं आपके सभी पुराने चुनाव घोषणापत्रों को श्रेय दे रहा हूं. मैं किसानों के जीवन में आसानी चाहता हूं, मैं उनकी प्रगति चाहता हूं और कृषि में आधुनिकता चाहता हूं. उन्होंने कहा, राजनीतिक दलों को किसानों को गुमराह करना बंद करना चाहिए. फार्म कानूनों को लागू हुए 6-7 महीने हो चुके हैं. लेकिन अब अचानक झूठ के जाल के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन गिरवी रखने के लिए खेल खेले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, बीते कई दिनों से देश में किसानों के लिए जो नए कानून बने, उनकी बहुत चर्चा है. ये कृषि सुधार, कानून रातों-रात नहीं आए. पिछले 20-22 साल से हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है. कम-अधिक सभी संगठनों ने इन पर विमर्श किया है। किसानों को उन लोगों से जवाब मांगना चाहिए, जो पहले अपने घोषणापत्रों में इन सुधारों की बात लिखते थे, बड़ी-बड़ी बातें करके किसानों के वोट बटोरते रहे. लेकिन अपने घोषणा पत्र में लिखे वादों को भी पूरा नहीं किया. सिर्फ इन मांगों को टालते रहे, क्योंकि किसान उनकी प्राथमिकता नहीं था।
पीएम मोदी ने कहा, पीएम मोदी ने कहा, हर चुनाव से पहले ये लोग कर्जमाफी की बात करते हैं. और कर्जमाफी कितनी होती है? सारे किसान इससे कवर हो जाते है क्या? जो छोटा किसान बैंक नहीं गया, जिसने कर्ज नहीं लिया, उसके बारे में क्या कभी एक बार भी सोचा है इन लोगों ने.
पीएम ने कहा कि तेजी से बदलते हुए वैश्विक परिदृष्य में भारत का किसान, सुविधाओं के अभाव में, आधुनिक तौर तरीकों के अभाव में असहाय होता जाए, ये स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती. पहले ही बहुत देर हो चुकी है. जो काम 25-30 साल पहले हो जाने चाहिए थे, वो अब हो रहे हैं। पिछले 6 साल में हमारी सरकार ने किसानों की एक-एक जरूरत को ध्यान में रखते हुए काम किया है. बीते कई दिनों से देश में किसानों के लिए जो नए कानून बने, उनकी बहुत चर्चा है. ये कृषि सुधार कानून रातों-रात नहीं आए. पिछले 20-22 साल से हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है. कम-अधिक सभी संगठनों ने इन पर विमर्श किया है। देश के किसान, किसानों के संगठन, कृषि एक्सपर्ट, कृषि अर्थशास्त्री, कृषि वैज्ञानिक, हमारे यहां के प्रोग्रेसिव किसान भी लगातार कृषि क्षेत्र में सुधार की मांग करते आए हैं।
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