प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव मप्र की पहली महिला DGP बनने की दौड़ में

कैलाश मकवाना के रिटायरमेंट से पहले मध्य प्रदेश पुलिस प्रमुख के लिए प्रक्रिया तेज, 1991 बैच के तीन वरिष्ठ IPS अधिकारी रेस में।

  • मप्र को मिल सकती है अपनी पहली महिला डीजीपी।
  • 1991 बैच की IPS प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव सबसे आगे।
  • राज्य सरकार ने 12 वरिष्ठ IPS अफसरों के नाम UPSC भेजे।

समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 27 अक्तूबर: मध्य प्रदेश के पुलिस विभाग और प्रशासनिक गलियारों में एक नया इतिहास रचने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। राज्य को जल्द ही अपने इतिहास की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल सकती है। वर्तमान डीजीपी कैलाश मकवाना आगामी 30 नवंबर 2026 को अपने पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। उनके रिटायरमेंट से पहले राज्य के शीर्ष पुलिस पद के लिए नए अधिकारी के चयन की औपचारिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं बेहद तेज कर दी गई हैं। राज्य सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के बीच पत्राचार और नामों की समीक्षा का दौर जारी है।

1991 बैच की IPS प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव सबसे मजबूत दावेदार

इस शीर्ष और प्रतिष्ठित पद की दौड़ में 1991 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव सबसे मजबूत और प्रमुख दावेदारों में से एक बनकर उभरी हैं। यदि राज्य सरकार और आयोग उनके नाम पर अंतिम सहमति बनाते हैं, तो वह मध्य प्रदेश पुलिस का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनकर एक नया मील का पत्थर स्थापित करेंगी। प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव का प्रशासनिक करियर बेहद शानदार रहा है और उन्होंने राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों व पुलिस शाखाओं में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया है।

दौड़ में शामिल अन्य वरिष्ठ अधिकारी: वरुण कपूर और उपेंद्र जैन

हालांकि, प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अलावा उनके ही 1991 बैच के दो अन्य वरिष्ठ और अनुभवी आईपीएस अधिकारी भी डीजीपी पद की रेस में मजबूती से बने हुए हैं:

वरुण कपूर (IPS): वर्तमान में मध्य प्रदेश के जेल महानिदेशक (DG Jail) के पद पर निष्ठापूर्वक कार्यरत हैं। साइबर सुरक्षा और पुलिसिंग के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है।

उपेंद्र जैन (IPS): वर्तमान में विशेष पुलिस स्थापना (Special Police Establishment) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आर्थिक अपराधों से जुड़े जटिल मामलों की जांच और प्रशासनिक नियंत्रण में उनका व्यापक अनुभव इस चयन प्रक्रिया में उनके पक्ष में एक महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है।

UPSC को भेजे गए 12 वरिष्ठ आईपीएस अफसरों के नाम

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से नियमानुसार राज्य के 12 सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक व्यापक सूची संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली को भेज दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय और गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, यूपीएससी इन 12 अधिकारियों की सेवा अवधि, कार्य रिकॉर्ड, सत्यनिष्ठा और अनुभव की गहन समीक्षा करेगा। समीक्षा पूरी होने के बाद आयोग इनमें से तीन सबसे योग्य अधिकारियों का एक छोटा पैनल (Shortlist Panel) तैयार कर राज्य सरकार को वापस भेजेगा।

नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली में होगी UPSC की उच्चस्तरीय बैठक

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन और तीन नामों का अंतिम पैनल तय करने के लिए नवंबर 2026 के पहले सप्ताह में नई दिल्ली स्थित यूपीएससी मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होने की पूरी संभावना है। इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि तथा यूपीएससी के सदस्य शामिल होंगे। आयोग द्वारा तीन अफसरों का पैनल राज्य शासन को सौंपे जाने के बाद, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्य कैबिनेट अंतिम निर्णय लेते हुए प्रदेश के नए डीजीपी के नाम की आधिकारिक घोषणा करेंगे।

निष्कर्ष

कैलाश मकवाना के 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस की कमान किसके हाथों में जाएगी, यह देखना काफी दिलचस्प होगा। यदि 1991 बैच की IPS प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के नाम पर मुहर लगती है, तो यह मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और पुलिस प्रशासन के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा।

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