प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की समृद्धि को बताया सरकार की 11 साल की उपलब्धि, कहा- अब किसान आत्मनिर्भर हैं

समग्र समाचार सेवा,

नई दिल्ली, 7 जून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को देश के किसानों को लेकर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में उनकी सरकार की नीतियों और पहलों से न केवल कृषि क्षेत्र में बदलाव आया है, बल्कि किसानों के जीवन में भी असाधारण सुधार हुआ है। उन्होंने यह बात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के जरिए साझा की।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी सरकार को सत्ता में 11 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, और वह विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को उजागर कर रहे हैं। मोदी ने नौ जून, 2024 को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली थी।

“मेहनतकश किसानों की सेवा करना सौभाग्य की बात”

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “अपने मेहनतकश किसानों की सेवा करना हमारा सौभाग्य है।” उन्होंने आगे कहा कि मृदा स्वास्थ्य, सिंचाई, नकद सहायता, बीमा और एमएसपी जैसी नीतियों पर केंद्रित प्रयासों से किसान आज पहले से कहीं अधिक सशक्त हुए हैं।

उन्होंने विशेष रूप से ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ का उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत देश के करोड़ों किसानों को वार्षिक 6,000 रुपये की नकद सहायता दी जाती है। इसी के साथ ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ को भी किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच बताया।

“अब उधारी की जरूरत नहीं पड़ती”

मोदी ने यह भी बताया कि पहले किसानों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी कर्ज लेना पड़ता था, लेकिन उनकी सरकार की योजनाओं ने इस पर बड़ी राहत दी है। उन्होंने दावा किया कि अब किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं और सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनका जीवन पहले की तुलना में अधिक स्थिर और सुरक्षित हो गया है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य में निरंतर बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बीते वर्षों में हुई बढ़ोतरी को भी किसानों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल उन्हें फसलों का सही दाम मिल रहा है, बल्कि उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, बीते एक दशक में गेहूं, धान, दलहन और तिलहन की एमएसपी दरों में औसतन 40% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सरकार के 11 साल: कृषि से आत्मनिर्भरता की ओर

मोदी सरकार ने बीते 11 सालों में कृषि सुधार, डिजिटल कृषि, माइक्रो सिंचाई, किसान क्रेडिट कार्ड, और कृषि यांत्रिकीकरण जैसे कई क्षेत्रों में योजनाएं लागू की हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खेती को एक व्यवसायिक स्वरूप मिला है और युवा वर्ग भी अब खेती में संभावनाएं देख रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश उनके तीसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जहां किसान कल्याण और कृषि विकास एक बार फिर केंद्र में हैं। यह बयान केवल आंकड़ों की बात नहीं करता, बल्कि यह उस भरोसे को भी दर्शाता है जो सरकार और किसान समुदाय के बीच पिछले एक दशक में बना है।

अब देखना यह होगा कि तीसरे कार्यकाल में सरकार कृषि क्षेत्र में कौन-से नए नवाचार या सुधार लाती है और क्या ये प्रयास किसानों की आय को दोगुना करने के घोषित लक्ष्य को पूरी तरह से हासिल कर पाएंगे।

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