प्रधानमंत्री मोदी ने मिलाद-उन-नबी पर देशवासियों को दी शुभकामनाएँ, शांति और करुणा के मूल्यों पर दिया जोर
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 सितंबर: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिलाद-उन-नबी के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह पवित्र दिन समाज में शांति, सद्भाव और खुशहाली लेकर आए।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“मिलाद-उन-नबी के अवसर पर शुभकामनाएँ। यह पवित्र दिन हमारे समाज में शांति और खुशहाली लाए। करुणा, सेवा और न्याय के मूल्य सदैव हमारा मार्गदर्शन करें। ईद मुबारक!”
Best wishes on the occasion of Milad-un-Nabi.
May this sacred day bring with it peace and well-being in our society. May the values of compassion, service and justice always guide us.
Eid Mubarak!
— Narendra Modi (@narendramodi) September 5, 2025
मिलाद-उन-नबी का महत्व
मिलाद-उन-नबी, जिसे ईद-ए-मिलाद भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म के संस्थापक और अंतिम पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। यह अवसर मुस्लिम समुदाय के लिए न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि भाईचारे, करुणा और मानवता के मूल्यों को पुनः स्मरण कराने का दिन भी है।
देशभर में इस दिन मस्जिदों और धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएँ आयोजित की जाती हैं। साथ ही समाज में शांति, सहयोग और सेवा भाव को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं।
शांति और सद्भाव का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में करुणा, सेवा और न्याय के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह मूल्य न केवल धार्मिक जीवन में बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में भी समान रूप से आवश्यक हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत की विविधता ही उसकी ताकत है और इस तरह के पर्व समाज में आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करते हैं।
देशभर में मनाई जा रही है ईद-ए-मिलाद
मिलाद-उन-नबी के अवसर पर पूरे भारत में उत्सव का माहौल है। मुस्लिम समुदाय के लोग अपने-अपने क्षेत्रों में जुलूस निकालते हैं, नात-शरीफ पढ़ते हैं और जरूरतमंदों की सेवा करते हैं।
राजधानी दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद और कोलकाता समेत कई शहरों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन अवसरों पर सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि पूरे भारत के लिए एकता, करुणा और सद्भाव का प्रतीक है। मिलाद-उन-नबी का यह अवसर हमें यह याद दिलाता है कि धर्म और परंपराएँ हमें जोड़ने का काम करती हैं, विभाजन का नहीं।
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