प्रधानमंत्री मोदी ने दिग्गज अभिनेता असरानी के निधन पर जताया शोक, कहा – “उन्होंने पीढ़ियों को हंसी और खुशी दी”
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: भारतीय सिनेमा जगत से एक युग का अंत हो गया है। हास्य और बहुमुखी अभिनय के प्रतीक माने जाने वाले गोवर्धन असरानी के निधन ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अभिनेता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनके सिनेमा जगत में दिए गए योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा –
“श्री गोवर्धन असरानी जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। एक नैसर्गिक मनोरंजनकर्ता और बहुमुखी कलाकार के रूप में उन्होंने कई पीढ़ियों के दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने अपने शानदार अभिनय से अनगिनत लोगों के जीवन में खुशी और हंसी बिखेरी। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ॐ शांति।”
Deeply saddened by the passing of Shri Govardhan Asrani Ji. A gifted entertainer and a truly versatile artist, he entertained audiences across generations. He particularly added joy and laughter to countless lives through his unforgettable performances. His contribution to Indian…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 21, 2025
प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश को लाखों लोगों ने साझा किया और अभिनेता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। असरानी भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में से थे जिन्होंने हास्य, गंभीरता और चरित्र भूमिकाओं को समान सहजता से निभाया।
गोवर्धन असरानी का फिल्मी सफर छह दशकों से अधिक लंबा रहा। 1960 के दशक में अभिनय की शुरुआत करने वाले असरानी ने ‘शोले’, ‘चितचोर’, ‘अभिमान’, ‘आलाप’, ‘बावर्ची’, और ‘चुपके चुपके’ जैसी कई यादगार फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। फिल्म ‘शोले’ में जेलर की भूमिका आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित हास्य दृश्यों में गिनी जाती है।
असरानी ने केवल हिंदी सिनेमा में ही नहीं, बल्कि गुजराती फिल्मों और थिएटर में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वे न सिर्फ एक कुशल अभिनेता थे बल्कि निर्देशन और पटकथा लेखन में भी उनकी गहरी समझ थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि असरानी जैसे कलाकार दुर्लभ होते हैं, जिनकी मुस्कान और संवाद अदायगी पीढ़ियों को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा को असरानी के योगदान के बिना कल्पना करना असंभव है।
फिल्म उद्योग से लेकर राजनीति और आम जनता तक, हर किसी ने असरानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। कई फिल्म हस्तियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए लिखा कि असरानी ने भारतीय फिल्मों में “हंसी को गरिमा” दी और अभिनय को सहजता का नया आयाम प्रदान किया।
उनकी अंतिम यात्रा में फिल्मी जगत के कई दिग्गज कलाकारों के शामिल होने की संभावना है। फिल्म जगत के लिए यह क्षण न केवल एक दिग्गज अभिनेता की विदाई का है, बल्कि एक ऐसे दौर के अंत का भी, जिसने सिनेमा में हास्य और भावना का अनूठा संतुलन स्थापित किया।
असरानी का जाना भारतीय सिनेमा के उस अध्याय का बंद होना है, जिसने दर्शकों को दशकों तक मुस्कुराने और सोचने पर मजबूर किया। प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि ने इस भावना को फिर दोहराया कि असरानी केवल अभिनेता नहीं, बल्कि “खुशी के संदेशवाहक” थे, जिन्हें सदैव याद किया जाएगा।
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