समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 16 अगस्त: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस पावन पर्व पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को याद करते हुए सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में लिखा:
“सभी देशवासियों को जन्माष्टमी की असीम शुभकामनाएं। आस्था, आनंद और उमंग का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। जय श्रीकृष्ण!”
सभी देशवासियों को जन्माष्टमी की असीम शुभकामनाएं। आस्था, आनंद और उमंग का यह पावन-पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। जय श्रीकृष्ण!
— Narendra Modi (@narendramodi) August 16, 2025
जन्माष्टमी का महत्व और आध्यात्मिक संदेश
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व हर वर्ष भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
इस दिन भक्तगण उपवास रखते हैं, घरों और मंदिरों को सजाते हैं तथा मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाते हैं। मथुरा, वृंदावन, द्वारका और अन्य धार्मिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम और झांकियों का आयोजन होता है।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश और भावनात्मक जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश केवल शुभकामना भर नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान भी है। श्रीकृष्ण ने गीता में कर्म, भक्ति और धर्म के महत्व को बताया।
मोदी ने अपने संदेश के माध्यम से इस बात पर बल दिया कि जन्माष्टमी का यह अवसर हमें जीवन में सकारात्मक सोच, निष्ठा और सेवा भाव अपनाने की प्रेरणा देता है।
देशभर में उल्लास का माहौल
देशभर में जन्माष्टमी का पर्व उल्लास और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन और नंदोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जगह-जगह दही-हांडी प्रतियोगिताएँ भी हो रही हैं, जिनमें युवाओं का उत्साह देखते ही बनता है।
सोशल मीडिया पर भी जन्माष्टमी से जुड़े संदेश, चित्र और वीडियो साझा किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को भी लाखों लोगों ने शेयर और लाइक किया, जिससे यह और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुँचा।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देना केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि यह दर्शाता है कि त्योहार भारतीय संस्कृति और समाज को जोड़ने का माध्यम हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हमें जीवन में धर्म, सत्य और करुणा को अपनाने की प्रेरणा देता है।
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