प्रधानमंत्री मोदी ने ओणम पर दी देशवासियों को शुभकामनाएँ, त्योहार को बताया एकता और समृद्धि का प्रतीक

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 सितंबर: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ओणम के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भारत की एकता, आशा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया जिसमें उन्होंने लिखा:
“सभी को ओणम की हार्दिक शुभकामनाएं! यह सुंदर त्योहार सभी के लिए नई खुशियां, अच्छा स्वास्थ्य और प्रचुर समृद्धि लाए। ओणम केरल की शाश्वत विरासत और समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है। यह त्योहार एकता, आशा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। यह अवसर हमारे समाज में सद्भाव की भावना को मजबूत करेगा और प्रकृति के साथ हमारे जुड़ाव को और गहरा करेगा।”

ओणम का सांस्कृतिक महत्व

ओणम मुख्य रूप से केरल में मनाया जाने वाला एक प्रमुख और प्राचीन त्योहार है। यह त्यौहार महाबली राजा की स्मृति और फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन महाबली अपने प्रजाजनों से मिलने आते हैं।

ओणम न केवल धार्मिक और पौराणिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह त्योहार सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विविधता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर घरों और मंदिरों में पुक्कलम (फूलों की सजावट) बनाई जाती है, नाव दौड़ (वल्लमकली), कथकली और थिरुवातिरा जैसे नृत्य और परंपरागत दावत ओणसद्या का आयोजन होता है।

एकता और प्रकृति से जुड़ाव

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में खास तौर पर सामाजिक सद्भाव और प्रकृति के प्रति सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ओणम का यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हमारी समृद्ध परंपराएँ केवल संस्कृति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने और समाज में सामंजस्य बनाए रखने की शिक्षा देती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे पर्व भारत की “विविधता में एकता” की भावना को और मजबूत बनाते हैं।

देशभर में ओणम का उल्लास

भले ही ओणम मुख्य रूप से केरल में मनाया जाता है, लेकिन आज यह त्योहार भारत और दुनिया भर में फैले मलयाली समुदाय द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदायों ने भी इस पर्व को बड़े उत्साह से मनाया।

शहरों और कस्बों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक खेल और लोकनृत्य आयोजित किए गए। विशेषकर ओणसद्या का भव्य आयोजन लोगों के बीच भाईचारे और साझा खुशियों का प्रतीक बना।

प्रधानमंत्री मोदी का ओणम संदेश सिर्फ एक औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और साझा मूल्यों की गहरी झलक है। इस त्योहार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारत की ताकत उसकी परंपराओं, विविधताओं और आपसी एकजुटता में निहित है।

 

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