प्रधानमंत्री मोदी बोले – “मानसिक स्वास्थ्य खुशहाल जीवन की नींव है

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) के अवसर पर देशवासियों से मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और इस दिशा में काम कर रहे सभी लोगों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करना एक गंभीर गलती है, क्योंकि मन की स्थिरता ही समग्र स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने इस दिन को “मानव संवेदनाओं और आत्मचिंतन का दिन” बताते हुए कहा कि समाज को मिलकर ऐसे वातावरण का निर्माण करना चाहिए जहाँ मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत हो सके।

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:

“विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हमें याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है। आज की तेज़-तर्रार दुनिया में यह दिन आत्मचिंतन और दूसरों के प्रति सहानुभूति दिखाने के महत्व को रेखांकित करता है। आइए हम मिलकर ऐसे माहौल बनाएं जहाँ मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत हो सके। इस क्षेत्र में काम कर रहे सभी लोगों को मेरी शुभकामनाएँ, जो दूसरों को स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने में मदद कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल जागरूकता का आह्वान है, बल्कि समाज के प्रति करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी उजागर करता है।

मानसिक स्वास्थ्य: एक सामाजिक प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक विषय है। उन्होंने कहा कि परिवार, कार्यस्थल और समाज में एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और समर्थन देने की संस्कृति विकसित करनी होगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य मानसिक बीमारियों को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करना और सहायता प्राप्त करने को सामान्य बनाना है। प्रधानमंत्री का यह संदेश इसी वैश्विक प्रयास के अनुरूप है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाजसेवियों की सराहना

प्रधानमंत्री ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे डॉक्टरों, मनोवैज्ञानिकों, परामर्शदाताओं और स्वयंसेवकों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “जो लोग दूसरों को ठीक होने, मुस्कुराने और जीवन में फिर से अर्थ खोजने में मदद कर रहे हैं, वे वास्तव में मानवता के सच्चे वाहक हैं।”

सरकार ने भी हाल के वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें राष्ट्रीय टेली-मानस (Tele MANAS) हेल्पलाइन और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश इस बात पर बल देता है कि मानसिक स्वास्थ्य कोई विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता है। यह समाज से आह्वान करता है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातों को सामान्य बनाया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति अकेला या उपेक्षित महसूस न करे।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस केवल जागरूकता का दिन नहीं है — यह एक नए सामाजिक दृष्टिकोण की शुरुआत है, जहाँ मानसिक शांति और खुशी को जीवन का अभिन्न हिस्सा माना जाए।

 

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