माफी बड़े दिल का प्रतीक है, दयालु होने के साथ-साथ क्षमा करना हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन धर्म के प्रमुख संवत्सरी पर्व के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि दयालु, क्षमाशील और एक-दूसरे के लिए गलत भावनाएं नहीं रखना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। इस पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया और एक वीडियो क्लिप शेयर की। इस क्लिप में उन्होंने संवत्सरी पर्व के बारे में बात की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “माफी बड़े दिल का प्रतीक है. दयालु होने के साथ-साथ क्षमा करना हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है, और एक-दूसरे के प्रति दुर्भावना नहीं रखना है। मिच्छमी दुक्कड़म.” प्रधानमंत्री मोदी ने एक छोटी सी वीडियो क्लिप भी शेयर की जिसमें उन्होंने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के पहले एपिसोड में से एक के दौरान संवत्सरी के बारे में बात की थी।
Forgiveness signifies large heartedness. It is a part of our culture to be kind as well as forgiving, and not keep ill-feelings towards each other.
Michhami Dukkadam!
Here is what I had spoken about Samvatsari earlier. pic.twitter.com/cWZppmn0PM
— Narendra Modi (@narendramodi) September 10, 2021
बता दें कि पीएम मोदी का यह ट्वीट ऐसे समय आया है जब राहुल नें सरकार के फैसले को लेकर दैवीय शक्तियों को जोड़ा और जम्मू दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के नोटबंदी, जीएसटी और कृषि कानून जैसे फैसलों से मां लक्ष्मी, माता दुर्गा और सरस्वती माता की शक्ति घटी है।
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