समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी असम 20 फरवरी :प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में भाजपा नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ 20 सूत्रीय “चार्जशीट” जारी की। दो दिवसीय दौरे के पहले दिन जारी इस दस्तावेज़ में राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, वादाखिलाफी और अल्पसंख्यकों के बीच भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और असम चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन समिति की अध्यक्ष प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार ने अपने कई प्रमुख वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि छह स्वदेशी समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने का वादा अब तक अधूरा है। साथ ही, चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 351 रुपये करने का वादा भी पूरा नहीं किया गया।
कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और कुछ मंत्रियों पर “व्यापक भ्रष्टाचार” का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने कथित रूप से अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है। हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया है।
हाल ही में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर प्रियंका गांधी ने इसे सामान्य चुनावी प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा, “हर चुनाव से पहले दल-बदल होता है। लेकिन कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। हम इसे युद्ध की तरह लड़ेंगे और जीतेंगे।”
इस कार्यक्रम में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार भी मौजूद रहे, जो असम चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बदलाव की लहर है और कांग्रेस की ऐतिहासिक विरासत मजबूत है। शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने काम और प्रतिबद्धताओं में कमजोर हैं तथा हार के डर से निराधार बयान दे रहे हैं।
कांग्रेस का यह कदम आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनावी तैयारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे आगामी चुनावी लड़ाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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