प्रो. एम. एम. गोयल को 18वाँ टॉर्च बेयरर ऑफ द्वारका (वॉयस ऑफ मीडिया) अवॉर्ड 2025 से सम्मान

नीडोनॉमिक्स विचारधारा को मिली राष्ट्रीय पहचान, प्रो. एम. एम. गोयल सम्मानित

  • सीसीआरटी ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में 17 जनवरी 2026 को हुआ सम्मान समारोह
  • नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट के प्रवर्तक प्रो. गोयल को 18वाँ टॉर्च बेयरर अवॉर्ड
  • द्वारका सिटी की संस्थापक टीम और वॉयस ऑफ मीडिया का विशेष योगदान
  • मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. महेश वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति

समग्र समाचार सेवा
द्वारका, नई दिल्ली|19 जनवरी: नीडोनॉमिक्स विचारधारा के प्रवर्तक प्रो. मदन मोहन गोयल को 18वाँ टॉर्च बेयरर ऑफ द्वारका (वॉयस ऑफ मीडिया) अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान 17 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित सीसीआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

नीडोनॉमिक्स को मिला नैतिक मान्यता का मंच

इस अवसर पर नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट (थिंक टैंक) ने प्रो. गोयल को मिले सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रो. गोयल तीन बार कुलपति रह चुके हैं और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। उनकी नीडोनॉमिक्स अवधारणा आवश्यकता-आधारित विकास, नैतिक अर्थव्यवस्था और समाज-केंद्रित नीतियों पर बल देती है।

आयोजकों के प्रति आभार

प्रो. गोयल ने द्वारका सिटी की संस्थापक सुधा सिन्हा एवं मुकेश सिन्हा तथा वॉयस ऑफ मीडिया की संपादकीय टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़कर नीडोनॉमिक्स के मूल्यों और दृष्टि की सामूहिक स्वीकृति है।

जीवन-मुक्ति और सेवा का संदेश

अपने संबोधन में प्रो. गोयल ने कहा कि सिन्हा दंपति ‘जीवन-मुक्ति’ की भावना का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, जहाँ निःस्वार्थ सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व जीवन का उद्देश्य बनते हैं। उन्होंने अनु-गीता से प्रेरणा लेते हुए कहा कि श्रेष्ठ कर्म व्यक्ति को औपचारिक पदों और सम्मानों से ऊपर उठाते हैं।

द्वारका सिटी की रचनात्मक भूमिका

प्रो. गोयल ने द्वारका सिटी की समावेशी और दूरदर्शी भूमिका की सराहना की, जो नागरिकों को विचार और दृष्टिकोण रखने का विश्वसनीय मंच प्रदान करती है। उनके अनुसार, ऐसे प्रयास द्वारका को उत्कृष्टता और सांस्कृतिक जीवंतता से युक्त दिल्ली के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करते हैं।

मुख्य अतिथि का योगदान

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. महेश वर्मा, पद्मश्री सम्मानित एवं गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति, के प्रति भी प्रो. गोयल ने कृतज्ञता व्यक्त की।

कार्यक्रम ने भारत की समग्र विकास यात्रा में नैतिक चिंतन-नेतृत्व, समुदाय-प्रेरित मीडिया और नीडोनॉमिक्स जैसे स्वदेशी नीति-ढाँचों की बढ़ती प्रासंगिकता को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।

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