समग्र समाचार सेवा
पटना, 19 अगस्त: बिहार को विकास की राह पर एक और बड़ी सौगात मिली है। राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे का दर्जा प्रदान कर दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इसे अब नेशनल एक्सप्रेसवे-9 (NE-9) के नाम से जाना जाएगा।
यह बिहार का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा जो पूरी तरह से राज्य की सीमाओं के भीतर है। इस घोषणा के बाद न सिर्फ बिहार में परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा बल्कि औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
बिहार सरकार ने जताया आभार
इस उपलब्धि पर बिहार सरकार ने केंद्र का आभार व्यक्त किया है। राज्य के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा –
“पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे का राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-9 के रूप में अधिसूचित होना बिहार के लिए गर्व का क्षण है। इस घोषणा के बाद काम तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार इसे समय पर पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।”
NE-9 का रूट और विशेषताएं
कुल 250 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे एनएच-22 के मीरनगर अरेज़ी (हाजीपुर) से शुरू होकर नरहरपुर, हरलोचनपुर, बाजिदपुर, सरौंजा, रसना, परोरा और फतेहपुर से गुजरता हुआ पूर्णिया जिले के हंसदाह में एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) से जुड़ेगा।
इस परियोजना में शामिल हैं:
- 21 बड़े पुल
- 140 छोटे पुल
- 11 रेलवे ओवरब्रिज
- 21 इंटरचेंज
- 322 अंडरपास
इसके अलावा, समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए विशेष संपर्क मार्ग भी बनाए जाएंगे।
भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए 6 जिलों के 29 प्रखंडों के 250 से अधिक गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने बताया कि यह बिहार का पहला एक्सप्रेसवे होगा और भूमि अधिग्रहण का काम रिकॉर्ड समय में पूरा किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
बिहार के विकास में मील का पत्थर
पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे के रूप में बिहार देश के नौवें राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे को प्राप्त कर चुका है। यह परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे को नई पहचान देने के साथ ही रोजगार, व्यापार और निवेश की संभावनाओं को भी बढ़ाएगी।
पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि बिहार के लिए विकास की नई गाथा है। इसके निर्माण से न सिर्फ राजधानी पटना और सीमांचल क्षेत्र के बीच दूरी कम होगी, बल्कि पूरे राज्य के आर्थिक मानचित्र को बदलने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक साबित होगा।
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