समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 31 जुलाई: आज संसद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 25 % टैरिफ लगाने की घोषणा के चलते हंगामे की स्थिति बन गई। राज्यसभा में बिहार में SIR (Special Intensive Review) को लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद कार्यवाही दोपहर दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं लोकसभा में भी विपक्ष के सांसदों ने टैरिफ मुद्दे पर जमकर प्रदर्शन किया, जिससे लोकसभा की कार्यवाही भी दोपहर दोपहर दो बजे तक स्थगित रहेगी।
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विपक्षी सांसदों का तीखा रुख
लोकसभा में वाम दलों के सांसद पी. संदेश कुमार (CPI-M) ने कहा कि ट्रंप सरकार का यह नया फैसला चौंकाने वाला है। उनके मुताबिक, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता चल ही रही थी, लेकिन अचानक राष्ट्रपति द्वारा घोषणा कर दी गई।
“अगर देखें, तो ट्रंप के सत्ता में आने के बाद भारत को लगातार अपमानित किया गया है। असल समस्या यह है कि सरकार की प्रतिक्रिया बहुत नरम है—ट्रंप के खिलाफ एक शब्द भी नहीं।”
इसी तरह, संयुक्त विपक्ष ‘इंडिया’ के नेता राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में मिले। संजय कुमार झा (जेडीयू) ने बताया कि यह कोई नई घटना नहीं है, विश्व कई देशों ने विभिन्न टैरिफ लगाए हैं। सरकार देशहित में काम करेगी और बातचीत जारी है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया: SIR विरोध समेत आर्थिक चिंताएं
कांग्रेस संसदीय दल अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और भाजपा शासित राज्यों में मजदूरों की गिरफ्तारी के खिलाफ संसद मुख्य द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा:
“ट्रंप की टैरिफ घोषणा और पाकिस्तान से उनकी नज़दीकी स्पष्ट संकेत हैं कि भारत को इन मुद्दों पर जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री मोदी जहाँ भी जाते हैं, दोस्ती करते हैं—और फिर उन्हें राजनीति में यही परिणाम भुगतना पड़ता है।”
सांसदों से बीच सुरक्षा चर्चा: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पीएम का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह के ऑपरेशन सिंदूर सम्बंधी जवाब की सराहना की। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भाषण को भी “असाधारण” बताया।
PM मोदी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट पर कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की स्पष्ट नीति प्रस्तुत की। उन्होंने जयशंकर की ओर से आतंकवाद को वैश्विक महत्त्व दिलाने के प्रयासों को भी समर्थन दिया।
राजनीतिक तनाव, टैरिफ की छाया
ट्रंप की घोषणा ने भारत–अमेरिका के व्यापार वार्ता को अस्थिर कर दिया है। सभी विपक्षी दल—CPI-M, कांग्रेस, समाजवादी—एक स्वर में कह रहे हैं कि यह फैसला देश की प्रतिष्ठा और इकोनॉमी को प्रभावित करेगा।
राम गोपाल यादव (सपा सांसद) ने कटुता से टिप्पणी की:
“ट्रंप कह चुके हैं, ‘मोदी मेरे दोस्त हैं, लेकिन मैं पाकिस्तान से प्यार करता हूँ।’ इससे साफ़ होता है कि अन्य देशों के प्रति उनका आचरण एक अधिनायकवादी रवैये जैसा है।”
संसद में मतभेद, टैरिफ असर दोनों असरदार
ट्रंप की टैरिफ घोषणा ने न केवल संसद में राजनीतिक बैटल को तेज किया है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ को भी प्रभावित करने की चेतावनी दी है। विपक्ष सरकार की प्रतिक्रिया पर आहत है, जबकि सरकार भरोसे और वार्ता के माध्यम से स्थिति से निपटने की कोशिश कर रही है।
तालमेल और मजबूती—यही चुनाव से पहले भारत की जनता को चाहिए।
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