- राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई शीर्ष अधिकारियों का इस्तीफा
- वित्तीय लेन-देन और स्टाफ विवाद को लेकर ट्रस्ट में उठा विवाद
- ट्रस्ट के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
- नए नेतृत्व के चयन और जांच की प्रक्रिया तेज
समग्र समाचार सेवा
अयोध्या ,उत्तर प्रदेश , 9 जुलाई:अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा मंदिर कार्यालय के स्टाफ और वित्तीय लेन-देन में अनियमितता के आरोपों के बीच सामने आया है। ट्रस्ट के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति और पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों के चलते यह कदम उठाया गया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि इस्तीफों के बाद जल्द ही नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक स्वतंत्र ऑडिट कमेटी भी गठित की गई है।
यह घटनाक्रम मंदिर निर्माण की पारदर्शिता और जनविश्वास पर भी असर डाल सकता है। सामाजिक संगठनों ने ट्रस्ट से पारदर्शिता बढ़ाने और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का मंदिर निर्माण कार्य पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज में सुधार जरूरी है।
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