समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफ्रीका के नामीबिया में अपने एक दिवसीय ऐतिहासिक दौरे पर पहुंच गए हैं। इस यात्रा को भारत और नामीबिया के संबंधों में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वहां पहुंचते ही कहा कि दोनों देशों के बीच खनिज, ऊर्जा और रक्षा सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी को नई दिशा दी जाएगी।
यूरेनियम निर्यात और तेल-गैस सहयोग पर नजर
भारत के उच्चायुक्त राहुल श्रीवास्तव ने साफ किया कि नामीबिया से यूरेनियम के निर्यात को लेकर गंभीर बातचीत हो रही है। साथ ही हाल ही में नामीबिया में मिले तेल और गैस के भंडार भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा में नया विकल्प बन सकते हैं। रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच उपकरणों की खरीद और क्षमता निर्माण को लेकर समझौते की संभावना जताई जा रही है
‘प्रोजेक्ट चीता 2’ से फिर लौट सकते हैं चीते
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान ‘प्रोजेक्ट चीता 2’ को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि इस परियोजना के तहत भारत को नामीबिया से और चीते मिल सकते हैं, जिससे जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को गति मिलेगी।
संसद को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नामीबिया के राष्ट्रीय स्मारक ‘हीरोज एकर’ जाकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वह संसद को संबोधित करेंगे और भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात भी करेंगे। मोदी इस दौरे में नामीबिया की पहली महिला राष्ट्रपति नेतुम्बो नंदी-नदाइत्वाह से भी मिलेंगे।
ग्लोबल साउथ में अफ्रीका भारत का मजबूत साझेदार
उच्चायुक्त श्रीवास्तव ने कहा कि अफ्रीका को ग्लोबल साउथ में भारत का भरोसेमंद साथी माना जाता है। नामीबिया ने तीनों ‘वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ समिट’ में हिस्सा लेकर इस दोस्ती को और गहरा किया है। 27 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों में नई ऊर्जा भरने जा रही है।
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