77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोप की ऐतिहासिक मौजूदगी, उर्सुला वॉन डेर लेयेन बोलीं—भारत आना मेरे लिए गौरव की बात

कर्तव्य पथ पर यूरोपीय नेतृत्व, उर्सुला ने भारत को बताया वैश्विक स्थिरता का आधार

  • 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता रहे मौजूद
  • उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मुख्य अतिथि बनना बताया सम्मान की बात
  • 27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन पर टिकी अंतरराष्ट्रीय नजर
  • बदलते वैश्विक हालात में भारत को भरोसेमंद साझेदार मान रहा यूरोप

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 जनवरी: भारत ने सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी को भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

उर्सुला का संदेश

गणतंत्र दिवस समारोह के बाद उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया मंच पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि भारत के राष्ट्रीय पर्व में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए भी आवश्यक है।

शिखर सम्मेलन से बड़ी उम्मीदें

यूरोपीय संघ के दोनों वरिष्ठ नेता इन दिनों भारत यात्रा पर हैं। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच व्यापार समझौते को लेकर भी अहम संकेत मिल सकते हैं।

वैश्विक समीकरणों में बदलाव

अमेरिका और यूरोप के पारंपरिक रिश्तों के बीच व्यापार और शुल्क से जुड़े तनावों के चलते यूरोपीय संघ अब एशिया में मजबूत साझेदारों की तलाश कर रहा है। ऐसे में भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद सहयोगी के रूप में देखा जा रहा है।

कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज

नई दिल्ली पहुँँचने पर यूरोपीय नेताओं को औपचारिक सम्मान दिया गया। गणतंत्र दिवस से पहले उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि यह यात्रा भारत-ईयू साझेदारी को नई दिशा देगी।

विदेश मंत्रालय का रुख

विदेश मंत्रालय ने भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को भरोसे और साझा हितों पर आधारित बताते हुए कहा कि यह दौरा सहयोग को और मजबूत करेगा।

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