समग्र समाचार सेवा
पटना, बिहार, 19 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजद नेता मदन शाह ने टिकट न मिलने पर अपनी नाराजगी का बेहद असामान्य अंदाज में इजहार किया। मदन शाह ने शनिवार को राबड़ी देवी के आवास के सामने कुर्ता फाड़कर सड़क पर लेटकर प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में चुनावी राजनीति का तापमान और बढ़ गया।
पूर्वी चंपारण के मधुबन विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी मदन शाह ने कहा कि उन्हें पार्टी में लंबे समय से जुड़े होने के बावजूद टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने राज्यसभा सांसद संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने दो करोड़ 70 लाख रुपये लेकर टिकट बेचा है। मदन शाह ने कहा, “मैं 1990 से पार्टी से जुड़ा हूँ, लेकिन मुझे नजरअंदाज किया गया और बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया गया।”
प्रदर्शन के दौरान मदन शाह ने अपनी दास्तान सुनाते हुए कहा कि उन्हें टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्हें यह बताया गया था कि दो करोड़ 70 लाख रुपये लाकर टिकट मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनका परिवार—दो बेटे और बेटियां—इस पूरी स्थिति से प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2020 में उन्होंने चुनाव लड़ा था और मात्र 2000 वोटों से हार गए थे।
मदन शाह ने संजय यादव पर आरोप लगाया कि वह हरियाणा से आए हैं और टिकट बेचने में लगे हुए हैं। इस प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने राजद में टिकट वितरण की भ्रष्ट प्रथाओं और पारदर्शिता की कमी पर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
बिहार में विधानसभा चुनाव का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण के लिए नामांकन जारी है। इस बीच टिकट वितरण को लेकर विभिन्न दलों में विरोध और नाराजगी की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।
राजद में इस तरह के विरोध ने पार्टी नेतृत्व के सामने टिकट वितरण और सदस्य संतोष को लेकर नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विरोध चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना सकते हैं और विपक्षी दलों के भीतर तालमेल पर भी असर डाल सकते हैं।
मदन शाह का प्रदर्शन यह दिखाता है कि चुनावी टिकट केवल राजनीतिक प्रतीक नहीं बल्कि नेताओं की मेहनत और उनके लंबे अनुभव का सम्मान भी होना चाहिए। इस घटना के बाद पार्टी नेतृत्व के लिए यह एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि टिकट वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है।
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