मोहन भागवत Gen Z बयान: “Gen-Z का विरोध देश-विरोध नहीं: मोहन भागवत”

  • आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा—Gen-Z के विरोध प्रदर्शन करने से वे देश-विरोधी नहीं हो जाते।
  • भागवत के अनुसार, नई पीढ़ी ईमानदार है और देशभक्ति की सच्ची भावना उनमें गहरी है।
  • समस्याओं के समाधान के लिए संवाद और बहस (डिबेट/शास्त्रार्थ) जरूरी, लोकतंत्र में विरोध भी आम सहमति का हिस्सा।
  • भागवत ने कहा—Gen-Z और Gen Alpha सवाल करते हैं, तार्किक जवाब और प्यार चाहते हैं, यही लोकतंत्र का तरीका है।
  • शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की ज़रूरत बताते हुए भागवत ने संवाद और बदलाव पर जोर दिया।
  • विरोध केवल बंटवारे के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम सुधार के लिए होना चाहिए, संविधान निर्माताओं के विचारों का ध्यान रखें।

समग्र समाचार सेवा 

नई दिल्ली, 6 अगस्त :राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि अगर Gen-Z विरोध कर रहे हैं तो उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए।

भागवत ने साफ किया कि विरोध प्रदर्शन करने से छात्र देश-विरोधी नहीं हो जाते—वे हमारी आगामी पीढ़ी हैं और उनमें सच्ची देशभक्ति है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और बहस आम सहमति बनाने का तरीका है, जिससे समाधान निकलता है।
भागवत ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि Gen-Z तार्किक जवाब चाहता है—संवाद से ही हर समस्या का हल संभव है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध, किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधार के लिए होना चाहिए।
भागवत ने संविधान निर्माताओं के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि विरोध के भी लोकतांत्रिक तरीके और मर्यादा होनी चाहिए।

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