पटना में बवाल: राहुल-तेजस्वी की यात्रा के बाद कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प, लाठी-डंडे और पत्थरबाजी

समग्र समाचार सेवा
पटना, 29 अगस्त: बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को उस समय भारी बवाल मच गया जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की गई। इसके बाद शहर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद अचानक तब बढ़ा जब पटना स्थित कांग्रेस दफ्तर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। दोनों पक्षों में नारेबाजी, धक्का-मुक्की हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।

लाठी-डंडे और पत्थरबाजी

आरोप है कि कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे से हमला किया और पत्थरबाजी भी हुई। इस दौरान कई कार्यकर्ता घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और दोनों दलों के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

स्थानीय चश्मदीदों का कहना है कि अचानक शुरू हुई झड़प के कारण सड़क पर भगदड़ मच गई और आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

राजनीतिक बयानबाजी तेज़

घटना के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राजद पर निशाना साधा। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस और राजद के नेता बिहार की राजनीति को हिंसा की ओर धकेल रहे हैं।”

वहीं, कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा मुद्दों से भटकाने के लिए ऐसे विवाद खड़े कर रही है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा,
“हमारी यात्रा जनता के अधिकारों के लिए है। भाजपा इस यात्रा की लोकप्रियता से घबराकर हिंसा का माहौल बना रही है।”

राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह यात्रा रुकने वाली नहीं है।

पुलिस और प्रशासन की चुनौती

पुलिस ने बताया कि झड़प में कई लोगों को चोटें आई हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। फिलहाल कांग्रेस दफ्तर और भाजपा कार्यालय के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जनता में मिश्रित प्रतिक्रिया

इस घटना ने पटना की सियासत को और गरमा दिया है। जहां भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री के खिलाफ “असम्मानजनक राजनीति” बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस और राजद समर्थक इसे भाजपा की “अत्यधिक प्रतिक्रिया” मान रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह टकराव बिहार की आगामी राजनीति को और अधिक ध्रुवीकृत कर सकता है।

पटना की सड़कों पर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं की भिड़ंत यह दर्शाती है कि बिहार की राजनीति किस तरह गरमा चुकी है। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से जुड़े इस विवाद ने आने वाले दिनों में सियासी माहौल को और तीखा करने के संकेत दे दिए हैं।

 

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