- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनिता बोस फाफ़ की याचिका पर जवाब माँगा ।
- याचिका में जापान के टोक्यो स्थित रेन्कोजी मंदिर से नेताजी की राख भारत लाने की मांग की गई है।
- बोस परिवार लंबे समय से राख को वापस लाने की मांग करता रहा है, ताकि अंतिम संस्कार भारत में हो सके।
- नेताजी की मृत्यु को लेकर दशकों से विवाद; सरकार ने विमान हादसे में मौत मानी, वहीं कुछ जांच आयोगों ने इस पर सवाल उठाए।
- अनिता बोस फाफ़ ने डीएनए जांच की संभावना का भी समर्थन किया, ताकि संदेह दूर हो सके।
- गृह मंत्रालय ने अब तक विभिन्न जांच रिपोर्टों के आधार पर नेताजी की 1945 में प्लेन क्रैश में मौत की बात दोहराई है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11 अगस्त:सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनिता बोस फाफ़ ने टोक्यो के रेन्कोजी मंदिर में रखी नेताजी की राख भारत लाने की मांग की है।
अनिता बोस फाफ़ का कहना है कि उनके पिता की अस्थियां आठ दशक से जापान के मंदिर में सुरक्षित हैं और उन्हें भारत लाकर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होना चाहिए।
नेताजी की मौत व रहस्य को लेकर दशकों से बहस चलती रही है। कुछ आयोगों ने विमान हादसे में मौत मानी, जबकि 2005 की मुखर्जी आयोग रिपोर्ट ने प्लेन क्रैश थ्योरी को खारिज कर दिया था, जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया। याचिका में राख की डीएनए जांच का विकल्प भी सुझाया गया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर याचिका पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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