शरद पवार ने NCP के विलय की अटकलों पर लगाया विराम

परिवार और पार्टी में मतभेद जारी

  • शरद पवार ने NCP और NCP (SP) के विलय की अटकलें खारिज कीं
  • पार्टी और परिवार के भीतर गहरे मतभेद
  • अजित पवार की अंतिम इच्छा अधूरी, बातचीत अब ठंडी
  • कुछ नेता विलय के पक्ष में, कुछ असहज
  • नेतृत्व और संगठनात्मक लाइन को लेकर भी दुविधा

समग्र समाचार सेवा
मुंबई | 29 जुलाई :
एनसीपी (SP) नेता शरद पवार ने मंगलवार को NCP और NCP (शरदचंद्र पवार समूह) के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया। बारामती में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने साफ कहा, “इसका अब कोई महत्व नहीं है।” यह बयान दोनों दलों के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बीच आया है।

बीते कुछ महीनों से कई नेताओं ने यह कहा था कि दिवंगत एनसीपी नेता अजित पवार की अंतिम इच्छा दोनों दलों का विलय देखना था। बताया गया कि अजित पवार की असमय मृत्यु से पहले विलय की बातचीत अंतिम चरण में थी।

पार्टी में मतभेद और अनिश्चितता
एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “अब वह समय निकल गया है। सब आगे बढ़ चुके हैं।” सूत्रों के अनुसार, पार्टी में एक तरफ ऐसा गुट है जो विलय चाहता है ताकि 2029 के चुनावों में मजबूती मिल सके, वहीं दूसरा गुट विलय के विचार को असहज मानता है। पार्टी के अंदर परिवारिक राजनीति और नेतृत्व को लेकर भी मतभेद जारी हैं।

हाल ही में एनसीपी सांसद पार्थ पवार ने दिल्ली में शरद पवार से मुलाकात की, जिसे पार्टी ने केवल शिष्टाचार भेंट बताया। इस दौरान प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद रहे, जिसे संयोग बताया गया।

27 जुलाई को एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसके बाद भी विलय की संभावना कम मानी जा रही है। पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि सुनेत्रा पवार इस विलय प्रस्ताव से असंतुष्ट हैं और इससे परिवार और पार्टी में अंदरूनी समीकरण बिगड़ सकते हैं।

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