श्रद्धा दुबे से 120 सवाल, 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गई मॉडल

कारोबारी शिवा हत्याकांड मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर से साढ़े छह घंटे तक चली पुलिस की लंबी पूछताछ।

  • मॉडल श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों से पुलिस ने किए 120 सवाल।
  • हजरतगंज पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लखनऊ कोर्ट में किया पेश।
  • अदालत ने तीनों आरोपियों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल।

समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 22 अक्तूबर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चर्चित कारोबारी शिवा हत्याकांड मामले में पुलिस की जांच लगातार नए और सनसनीखेज खुलासे कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार करने के बाद लखनऊ लाई हजरतगंज पुलिस ने गुरुवार को अदालत में पेश किया। कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस ने तीनों आरोपियों से लगभग साढ़े छह घंटे तक मैराथन पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के सामने सवालों की झड़ी लगा दी और एक-एक करके कुल 120 तीखे सवाल दागे, जिससे हत्याकांड से जुड़े कई अहम रहस्यों पर से पर्दा उठाने का प्रयास किया गया।

साढ़े छह घंटे की पूछताछ में दागे गए 120 सवाल

बुधवार और गुरुवार को चली इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस उपायुक्त (मध्य) के सर्विलांस कार्यालय में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या की साजिश, वारदात के दिन की गतिविधियों, 11 दिनों तक चली फरारी और इस दौरान आरोपियों की मदद करने वाले मददगारों के ठिकानों के बारे में पूछताछ की गई।

पुलिस द्वारा पूछे गए 120 सवालों के जवाब में मॉडल श्रद्धा दुबे ने ज्यादातर वही बातें दोहराई जो उसने अपनी गिरफ्तारी से पहले जारी किए गए वीडियो में कही थीं। हालांकि, कई पेचीदा और तकनीकी सवालों के मामले में उसने गोलमोल जवाब दिए और कई बार पुलिस के सवालों पर वह चुप भी नजर आई। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि आखिर 11 दिनों की फरारी के दौरान किन-किन प्रभावशाली लोगों ने इन आरोपियों को संरक्षण दिया था।

खुद को बताया निर्दोष, शिवा की मौत को बताया आत्महत्या

पुलिस की पूछताछ के दौरान मॉडल श्रद्धा दुबे ने एक बार फिर खुद को पूरी तरह निर्दोष होने का दावा किया। उसने पुलिस के सामने बयान दिया कि 9 अक्टूबर को हुई तीखी झड़प और विवाद के बाद कारोबारी शिवा ने खुद फ्लैट की बालकनी से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त की थी। हालांकि, पुलिस के पास मौजूद शुरुआती साक्ष्य, ऑडियो रिकॉर्डिंग और परिस्थितिजन्य सबूत इस थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

जांच अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धा के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों (Digital Evidences) का मिलान किया जा रहा है। पुलिस के हाथ दोनों बरामद मोबाइल फोन से कुछ अत्यंत संदिग्ध और हाई-प्रोफाइल नंबर लगे हैं, जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस के रडार पर अब श्रद्धा के कई अन्य करीबी और मददगार भी आ चुके हैं, जिन पर जल्द ही कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है।

मोबाइल फोन गायब करने और चैट डिलीट करने का सनसनीखेज सच

जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात भी खुलकर सामने आई है कि गिरफ्तारी से बचने की फिराक में आरोपियों ने डिजिटल साक्ष्यों को मिटाने की पूरी कोशिश की थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि श्रद्धा और उसकी बहन का पुराना मोबाइल फोन नेपाल में कहीं गायब हो चुका है। पुलिस का मानना है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उन फोनों को ठिकाने लगाया गया है, जिनमें इस हत्याकांड और श्रद्धा के हाई-प्रोफाइल संपर्कों के सबसे बड़े राज छिपे हो सकते हैं।

इसके अलावा, श्रद्धा के पास से बरामद आईफोन और एक अन्य मोबाइल फोन से सिम कार्ड गायब मिले। आरोपी महिला वाईफाई और हॉटस्पॉट के जरिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर रही थी और 9 अक्टूबर के बाद की तमाम व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री को पूरी तरह से डिलीट कर दिया गया था। पुलिस ने इन दोनों मोबाइलों को सील कर डेटा रिकवरी के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेज दिया है ताकि डिलीट किए गए डेटा को वापस प्राप्त किया जा सके।

कोर्ट में पेशी और 10 दिन की न्यायिक हिरासत

लंबे समय तक चली पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, गुरुवार शाम को भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों आरोपियों—श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश—को प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) बलवंत भारती की अदालत में पेश किया गया। आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं ने न्यायिक रिमांड स्वीकार न किए जाने को लेकर एक अर्जी भी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर यानी आगामी 10 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया है।

निष्कर्ष और आगामी कानूनी कार्रवाई

श्रद्धा दुबे और उसके सहयोगियों के जेल जाने के बाद अब पुलिस इस मामले में अपनी विवेचना को और अधिक मजबूत करने में जुट गई है। चूंकि मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब में भेजे जा चुके हैं और कई संदिग्धों के नाम सामने आ रहे हैं, इसलिए आने वाले दिनों में इस हत्याकांड में कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है। यह हाई-प्रोफाइल मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और पीड़ित परिवार तथा आम जनता की निगाहें अब पुलिस की आगामी चार्जशीट और कोर्ट की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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