सीतामढ़ी से राहुल गांधी का बीजेपी और चुनाव आयोग पर वार: ‘बिहारवासी वोट चोरी नहीं होने देंगे’

समग्र समाचार सेवा
सीतामढ़ी, 28 अगस्त: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को सीतामढ़ी में अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जागरूक है और यहां एक भी वोट चोरी नहीं होने देगी।

राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हम जानते हैं कि बिहार में चुनाव चोरी करने की कोशिश हो रही है। इसी वजह से हमने वोटर अधिकार यात्रा शुरू की है ताकि जनता और चुनाव आयोग दोनों को यह संदेश मिले कि बिहारवासी चतुर और सतर्क हैं और वे भाजपा व चुनाव आयोग को एक भी वोट चोरी नहीं करने देंगे।”

उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने दलितों और वंचितों को अधिकार दिए हैं, लेकिन भाजपा उनके अधिकार छीनना चाहती है। “आज ये गरीबों के वोट चुराकर उनकी आवाज दबाना चाहते हैं, लेकिन मैं साफ कहना चाहता हूं कि वे कभी गरीबों और वंचितों की आवाज दबा नहीं पाएंगे। हम उनके साथ खड़े हैं,” राहुल गांधी ने कहा।

सभा के दौरान राहुल गांधी ने नारा दिया— “वोट चोर, गद्दी चोर।” उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चे भी उनके कान में कह रहे हैं कि “नरेंद्र मोदी वोट चुराते हैं।”

कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि उनके पास 2024 लोकसभा चुनाव और हरियाणा विधानसभा चुनाव में हुई कथित वोट चोरी के सबूत हैं। “कर्नाटक में हमने सबूत पेश किए थे कि भाजपा ने वोट चुराए। अब हम जल्द ही लोकसभा और हरियाणा चुनावों के सबूत देंगे। भाजपा और आरएसएस चोरी करके ही चुनाव जीतते हैं,” उन्होंने कहा।

इस यात्रा को आरजेडी सांसद मनोज झा ने ‘जन आंदोलन’ करार दिया। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत के खिलाफ उठे इस अभियान ने अब पूरे बिहार में व्यापक जनसमर्थन हासिल कर लिया है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की अगुवाई में चल रही 16 दिवसीय ‘वोटर अधिकार यात्रा’ 20 जिलों में 1,300 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करेगी। यह यात्रा 1 सितंबर को पटना में संपन्न होगी।

बिहार विधानसभा चुनाव इसी वर्ष होने की संभावना है, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की है। एनडीए, जिसमें भाजपा, जदयू और लोजपा शामिल हैं, सत्ता बचाने की कोशिश में है, जबकि ‘इंडिया गठबंधन’ (कांग्रेस, राजद और वामदल) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर करने की रणनीति में जुटा है।

वर्तमान में बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से एनडीए के पास 131 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 80, जदयू के 45, हम (से) के 4 और 2 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। दूसरी ओर, विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास कुल 111 विधायक हैं, जिनमें राजद के 77, कांग्रेस के 19, सीपीआई(एमएल) के 11, सीपीआई(एम) के 2 और सीपीआई के 2 सदस्य हैं।

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