भारत का विकास मॉडल भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए: डॉ. कृष्णगोपाल
समर्थ युवा ही समर्थ भारत की नींव: विचार गोष्ठी में मंथन
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‘कौशल विकास से समर्थ युवा, समर्थ युवा से समर्थ भारत’ विषय पर विचार गोष्ठी
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एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में हुआ आयोजन
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उद्योग और समाज से प्रशिक्षण की ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान
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छह राज्यों में 87 कौशल विकास केंद्र चला रहा है समर्थ भारत
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 16 जनवरी: भाऊराव देवरस सेवा न्यास के प्रकल्प समर्थ भारत द्वारा गुरुवार 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘कौशल विकास से समर्थ युवा, समर्थ युवा से समर्थ भारत’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल मुख्य वक्ता रहे, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोतीलाल ओसवाल, सह-संस्थापक एवं अध्यक्ष, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने की।
भारतीय परिस्थितियों के अनुसार विकास मॉडल की आवश्यकता

मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत की सामाजिक-आर्थिक संरचना अन्य देशों से भिन्न है, इसलिए यहां विकास का मॉडल भी भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि विदेशी मॉडल को ज्यों-का-त्यों अपनाने के बजाय स्थानीय ज़रूरतों और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए नीतियाँ बनानी होंगी।
शिक्षा और रोज़गार के बीच असंतुलन
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि देश में एक ओर बड़ी संख्या में शिक्षित युवा हैं, लेकिन उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप रोज़गार नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर, ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां लाखों रोज़गार के अवसर उपलब्ध हैं, पर प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी बनी हुई है। यह स्थिति गंभीर विरोधाभास को दर्शाती है।
कौशल आधारित रोज़गार पर ज़ोर

उन्होंने ड्राइवर, प्लंबर, वेल्डर, मैकेनिक, मोबाइल रिपेयरिंग, एसी-फ्रिज मरम्मत जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें व्यापक संभावनाएं हैं, लेकिन प्रशिक्षण केंद्रों की कमी के कारण युवा इन अवसरों से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने उद्योग जगत और समाज के सामर्थ्यवान वर्ग से आगे आकर प्रशिक्षण की ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
समाज के स्वावलंबन की परंपरा
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत की परंपरा सरकार पर निर्भर रहने की नहीं, बल्कि समाज के स्वावलंबन की रही है। इतिहास में शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में समाज ने स्वयं संस्थाएं खड़ी कीं। आज भी आवश्यकता है कि समाज स्थानीय स्तर पर रोज़गार और कौशल विकास केंद्र स्थापित करे।
140 करोड़ जनसंख्या एसेट है: रेखा गुप्ता
मुख्य अतिथि रेखा गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की जनसंख्या किसी भी तरह से बोझ नहीं, बल्कि एक बड़ी संपदा है। यदि इसे एसेट के रूप में स्वीकार कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाए, तो देश की समस्याओं के समाधान स्पष्ट रूप से सामने आने लगेंगे।
समर्थ भारत का विस्तार
वर्तमान में समर्थ भारत द्वारा छह राज्यों में 87 कौशल विकास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में पूरे देश में और केंद्र खोलने की योजना है। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम में समर्थ भारत के संरक्षक रमेश अग्रवाल, भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अध्यक्ष ओमप्रकाश गोयल, स्वागत अध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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