8 से 10 जनवरी तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’, 24 घंटे होगा ‘ऊंकार नाथ’ का जाप

1000वीं वर्षगांठ पर सोमनाथ नगरी में विशेष आयोजन, देश-विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु

  • 8 से 10 जनवरी तक गिर सोमनाथ में आयोजित होगा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’
  • मंदिर परिसर में 24 घंटे ‘ऊंकार नाथ’ का अखंड जाप
  • चार शहरों से प्रतिदिन विशेष ट्रेनों का संचालन
  • 11 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे सोमनाथ महादेव के दर्शन

समग्र समाचार सेवा
गिर सोमनाथ (गुजरात), 7 जनवरी: गुजरात के गिर सोमनाथ में 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाला ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह आयोजन इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि ठीक एक हजार वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ इसी समय पड़ रही है। इस अवसर पर सोमनाथ नगरी आस्था, स्वाभिमान और सनातन संस्कृति के संदेश के साथ देश-दुनिया को जोड़ने जा रही है।

24 घंटे ‘ऊंकार नाथ’ का अखंड जाप

तीन दिवसीय पर्व के दौरान सोमनाथ मंदिर में लगातार 24 घंटे ‘ऊंकार नाथ’ का जाप किया जाएगा। मंदिर परिसर को विशेष आध्यात्मिक साज-सज्जा से सजाया जाएगा। समुद्र तट पर खड़ी नौकाओं पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभव प्राप्त होगा।

चार शहरों से विशेष ट्रेनें

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन चार अलग-अलग शहरों सूरत, राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद से एक-एक विशेष ट्रेन सोमनाथ पहुंचेगी। इन ट्रेनों के माध्यम से संत, धार्मिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गिर सोमनाथ पहुंचेंगे।

10 जनवरी को ट्रस्ट बैठक और ड्रोन शो

10 जनवरी की शाम 5:30 बजे सोमनाथ ट्रस्ट के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दिन भव्य ड्रोन शो का भी आयोजन होगा, जिसमें सोमनाथ के इतिहास, संघर्ष और अटूट आस्था को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

11 जनवरी को प्रधानमंत्री का कार्यक्रम

11 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ महादेव को प्रणाम करेंगे। उनका भव्य अभिवादन शंख सर्कल से शुरू होकर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा तक किया जाएगा। इस अवसर पर शोभायात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें शक्ति और शौर्य के प्रतीकात्मक कार्यक्रम होंगे।

इसी दिन प्रधानमंत्री एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

मंत्री जीतूभाई वघानी का बयान

आयोजन को लेकर गुजरात के कृषि मंत्री जीतूभाई वघानी ने कहा कि यह पर्व प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सांस्कृतिक दृष्टिकोण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सोमनाथ, द्वारका, काशी, अयोध्या और महाकाल जैसे तीर्थ स्थलों को जोड़कर नई पीढ़ी को आस्था और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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