त्योहारी सीजन 2025: शहरी क्षेत्रों में खर्च में 18% बढ़ोतरी, भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्टर डोज

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 सितंबर: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए त्योहारी मौसम 2025 बड़ी उम्मीद लेकर आया है। सितंबर से नवंबर के बीच शहरी क्षेत्रों के लोग लगभग 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च करने वाले हैं। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 18 प्रतिशत अधिक है, जब इस दौरान शहरी क्षेत्रों में कुल खर्च 1.85 लाख करोड़ रुपये था। इस अतिरिक्त 73000 करोड़ रुपये के खर्च से भारतीय इकोनॉमी को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

त्योहारी मौसम में बूस्टर डोज

देशभर के 44,000 घरों और 2 लाख लोगों से इस वर्ष सर्वे किया गया। इसमें 319 जिलों को शामिल किया गया। सर्वे में टियर-1 और टियर-2 शहरों के 70 प्रतिशत लोग शामिल थे, जबकि शेष टियर-3 और टियर-4 शहरों के लोग थे। सर्वे के मुताबिक, इस बार खर्च में बढ़ोतरी का मुख्य कारण शहरी परिवारों के औसत खर्च पैटर्न और आय में इजाफा है।

सर्वे में पाया गया कि लगभग 15 प्रतिशत लोग इस त्योहारी मौसम में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक खर्च करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 25 प्रतिशत लोग 20 हजार से 50 हजार रुपये तक खर्च करेंगे। कुल मिलाकर, शहरी क्षेत्रों के परिवारों का यह खर्च पिछले साल के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत अधिक है।

त्योहारी मौसम में ई-कॉमर्स का योगदान

इस साल रक्षाबंधन और अन्य त्यौहारों में खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रक्षाबंधन के दौरान शहरी क्षेत्रों में खर्च 12000 करोड़ रुपये से बढ़कर 21000 करोड़ रुपये हो गया, यानी पिछले साल के मुकाबले लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की सेल और डिलीवरी सेवाओं में बढ़ोतरी इस खर्च में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

इसके अलावा, त्योहारी मौसम में उपभोक्ता खर्च में वृद्धि जीएसटी रिफॉर्म और आर्थिक नीतियों की वजह से भी हुई है, जिससे बाजार में मांग बढ़ी है और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई है। इस बढ़ते खर्च से देश की वित्तीय गतिविधियों और रोजगार सृजन को भी मजबूती मिलेगी।

विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार खर्च में आई बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बूस्टर डोज साबित होगी। यह न केवल रिटेल सेक्टर और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत है, बल्कि स्थानीय कारोबारियों और उद्योगों के लिए भी लाभकारी रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी मौसम में बढ़ा खर्च अगले तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर को भी प्रभावित कर सकता है।

त्योहारी मौसम 2025 न केवल उपभोक्ता भावना और बाजार गतिविधियों में तेजी लाएगा, बल्कि आर्थिक विकास को भी सहारा देगा। शहरी क्षेत्रों के बढ़ते खर्च और ई-कॉमर्स की भूमिका को देखते हुए, यह समय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उत्साहजनक संकेत है।

 

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